-महिलाओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर लगाम: 30 नवंबर तक ब्लैक फिल्म और काले परदों पर रोक, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने जनपद में वाहनों के काले शीशों, ब्लैक फिल्म और पर्दों पर पहली बार निषेधाज्ञा लागू की है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत दो महीने के लिए जारी किया गया है और यह 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था एवं यातायात आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे संवेदनशील जिले गाजियाबाद में इस तरह की पहल की जा रही है ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध गतिविधियों की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहनों पर लगी काली फिल्म और काले शीशे महिलाओं के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
इस आदेश के तहत सभी वाहन स्वामियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी गाड़ी के शीशे पर ब्लैक फिल्म या काले परदे न लगे हों। किसी भी वाहन पर ऐसा कोई पर्दा या फिल्म नहीं होगी, जिससे वाहन के अंदर बैठे लोग दिखाई न दें। सभी गाडिय़ों के शीशे पूरी तरह पारदर्शी होंगे। आदेश का पालन न करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223ए के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि यह निषेधाज्ञा मिशन शक्ति अभियान और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पिछली घटनाओं और वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम जरूरी है। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील की कि वे स्वयं गाडिय़ों से ब्लैक फिल्म और काले पर्दे हटाकर नियमों का पालन करें।
गाजियाबाद पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अवैधानिक गतिविधियों में शामिल असामाजिक तत्वों की चालाकी पर भी लगाम लगेगा। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि इस आदेश की मॉनिटरिंग लगातार की जाएगी और किसी भी प्रकार का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि निषेधाज्ञा केवल निश्चित समय के लिए ही लागू की गई है और शुरुआत में दो महीने के लिए प्रभावी रहेगी। यदि आवश्यक हुआ तो इसे आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। इस पहल से गाजियाबाद के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के पास स्थित गाजियाबाद संवेदनशील जिला है। वर्तमान सुरक्षा दृष्टिकोण और पिछली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, यह आदेश महिलाओं की सुरक्षा और अवैधानिक घटनाओं की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है। हमारी प्राथमिकता है कि वाहन मालिक नियमों का पालन करें और अपने वाहन के शीशों को पारदर्शी बनाएं, ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि को अंजाम देने वाले अपराधियों की कोई राह न बची। इस आदेश के लागू होने के साथ ही कमिश्नरेट गाजियाबाद ने सभी वाहनों की जांच भी तेज कर दी है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सड़क पर किसी भी वाहन पर ब्लैक फिल्म या काले पर्दे का उपयोग न हो। इस पहल को नागरिक सुरक्षा और महिला सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि यह पहली बार है जब किसी जिले में वाहन मालिकों पर इस प्रकार की निषेधाज्ञा लागू की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस दिशा में जनता की जागरूकता भी आवश्यक है और वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे स्वयं अपने वाहनों में पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
















