-1200 मीटर निर्माण पूरा, 700 मीटर पर तेजी से कार्य प्रगति पर
-सड़क निर्माण के साथ सीवर लाइन और जलनिकासी का भी पूर्ण समन्वय
-आउटर रिंग रोड और हरनंदीपुरम योजना से जुड़कर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत
-चार लेन सड़क, हरित पट्टी और सेंट्रल वर्ज से पर्यावरण संतुलन सुनिश्चित
-सड़क से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और निवेश के नए अवसर खुलेंगे
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना केडीपी गोलचक्कर से भट्ठा संख्या-5 होते हुए हम-तुम रोड तक जाने वाली 30 मीटर चौड़ी सड़क अब अंतिम चरण में प्रवेश कर गई है। लगभग 3.40 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित होने जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक 1200 मीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 700 मीटर हिस्से पर तेजी से कार्य चल रहा है। परियोजना के पहले चरण में किसानों के विरोध और भूमि विवादों के कारण निर्माण कार्य बाधित था, लेकिन जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के सक्रिय हस्तक्षेप और निरंतर संवाद के बाद सभी पक्षों के बीच सहमति बनते ही कार्य पुन: प्रारंभ हुआ। सड़क निर्माण के साथ-साथ सीवर लाइन और नाली का कार्य भी समानांतर रूप से चल रहा है, ताकि भविष्य में पुनर्खनन की आवश्यकता न पड़े।
इस मार्ग से न केवल राजनगर एक्सटेंशन की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, बल्कि आउटर रिंग रोड और जीडीए की हरनंदीपुरम योजना से जुड़कर यातायात सुगम और सुविधाजनक होगा। दिल्ली से आने वाले यातायात को भ_ा नंबर-5 के रास्ते सीधे मेरठ रोड तक जाने का वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
भोवापुर, सिक रोड, शाहपुर निज मोरटा और मोरटा जैसे गांवों को भी सड़क के माध्यम से तेज और सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे ग्रामीण अंचलों में आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास में तेजी आएगी। सड़क को चार लेन में विकसित किया जा रहा है, जिसमें बीच में दो मीटर चौड़ा सेंट्रल वर्ज और हरित पट्टी बनाई जाएगी। यह हरित पट्टी क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में सहायक होगी।
सड़क निर्माण से न केवल नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, बल्कि यह मार्ग निवेशकों और डेवलपर्स के लिए नए अवसर भी खोलेगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का उद्देश्य केवल सड़कों का निर्माण नहीं है, बल्कि स्थायी और सुविधाजनक बुनियादी ढांचे के माध्यम से नागरिकों के जीवन में सुधार करना है। राजनगर एक्सटेंशन की यह सड़क क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलने के साथ-साथ आने वाले वर्षों में क्षेत्र की ‘लाइफलाइनÓ साबित होगी।
















