- दीपावली पर्व को लेकर उप आबकारी आयुक्त ने बनाई रणनीति, अवैध शराब पर अब कोई रियायत नहीं
- समाज और राजस्व दोनों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू
- लखनऊ समेत मंडल के 6 जिलों में पर्व और चुनाव के मद्देनजर अलर्ट, शराब माफिया और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। दीपावली जैसे बड़े पर्व के नजदीक आते ही राजधानी लखनऊ और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अवैध और नकली शराब के कारोबार को रोकने के लिए आबकारी विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। पर्व और चुनाव का सीजन शुरू होते ही शराब माफिया सक्रिय हो जाते हैं, ताकि अवैध कारोबार को तेजी से अंजाम दिया जा सके। इस चुनौती का सामना करने के लिए उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार राकेश कुमार सिंह ने भी पूरी रणनीति तैयार कर ली है। उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने लखनऊ मंडल के सभी आबकारी अधिकारियों और इंस्पेक्टरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ मंडल में 6 जिले लखनऊ, लखीमपुर, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली शामिल हैं, जिनमें अवैध शराब की तस्करी और नकली शराब की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। राकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी की लापरवाही या अवैध शराब में मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शराब तस्करों का सूपड़ा साफ करना ही नहीं है, बल्कि विभागीय अनुशासन और नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी है।
सरल, सौम्य लेकिन तेज़तर्रार कार्यशैली के लिए राकेश कुमार सिंह की पहचान पूरे प्रदेश में बनी हुई है। अधिकारी और इंस्पेक्टर उनकी निगरानी में पूरी तरह सतर्क हैं, क्योंकि जो भी अधिकारी कार्य में ढिलाई करेगा या अवैध कारोबार में सहयोग देगा, उसकी भी कार्यवाही निश्चित है। जिले में अवैध शराब के खिलाफ की जा रही चेकिंग और कार्यवाही का जायजा लेने के लिए उप आबकारी आयुक्त कभी सड़कों पर तो कभी दुकानों पर खुद चेकिंग करने निकल पड़ते है। दीपावली के पर्व को देखते हुए उप आबकारी आयुक्त ने अवैध शराब की रोकथाम के लिए विशेष रणनीति बनाई है। इसमें इलाके के सभी ठिकानों पर छापेमारी, वाहनों की जांच और शराब की दुकानों पर सख्त निरीक्षण शामिल है। इसके साथ ही नकली शराब और मिलावटी शराब के कारोबार को पूरी तरह बंद करने की तैयारी भी चल रही है। उनकी टीम ने सुनिश्चित किया है कि पर्व के दौरान किसी भी स्तर पर शराब माफिया को फैलने का मौका न मिले। वहीं सोमवार को जनपद खीरी में अजबापुर स्थित चीनी मिल और डिस्टलरी का उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्य संचालन, सुरक्षा प्रबंध और उत्पादन प्रक्रियाओं का जायजा लिया। उप आबकारी आयुक्त ने कहा कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उद्योग नियमों और कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डिस्टलरी और मिल के रिकॉर्ड और सुरक्षा प्रबंधों की भी जांच की। उप आबकारी आयुक्त ने उद्योग प्रबंधकों से अपील की कि वे सुरक्षा मानकों और कानूनी नियमों का पालन लगातार करते रहें, ताकि उत्पादन सुचारू और सुरक्षित रूप से चलता रहे।
राकेश कुमार सिंह की कार्यशैली का एक प्रमुख पहलू यह है कि वे राजस्व वृद्धि और नियमानुसार कार्रवाई दोनों को प्राथमिकता देते हैं। उनका कहना है कि अवैध शराब सिर्फ समाज के स्वास्थ्य और कानून के लिए खतरा नहीं, बल्कि इससे राजस्व की हानि भी होती है। इसी कारण वे अवैध शराब माफिया के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं और अपनी टीम को हर जिले में सक्रिय रखे हुए हैं। उप आबकारी आयुक्त की रणनीति केवल तस्करों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों और कर्मचारियों में भी अनुशासन बनाए रखने के लिए उनका सिस्टम प्रभावी है। किसी भी अधिकारी या इंस्पेक्टर के काम में सुस्ती या मिलीभगत को तुरंत नोटिस लिया जाता है। यही वजह है कि शराब माफिया और विभागीय अधिकारियों दोनों में ही उनकी कार्यवाही का खौफ साफ देखा जा सकता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही यह कार्रवाई आगामी दीपावली में भी जारी रहेगी।
उप आबकारी आयुक्त ने टीम को निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब की तस्करी, नकली शराब की बिक्री और मिलावटी शराब के कारोबार पर किसी भी हाल में समझौता न किया जाए। इसके लिए रात-दिन अभियान चलाए जा रहे हैं, और हर जिले में सतत छापेमारी सुनिश्चित की जा रही है। राकेश कुमार सिंह का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ अपराधियों को पकडऩा नहीं, बल्कि शराब माफिया के जाल को पूरी तरह खत्म करना है। उनका मानना है कि अगर समय रहते अवैध शराब पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह समाज और युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इस रणनीति के तहत शराब माफिया को अब किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा। प्रदेश में उप आबकारी आयुक्त की कार्यशैली को प्रशासकीय और जनसामान्य दोनों ही क्षेत्रों में सराहा जा रहा है। उनके प्रयासों से लखनऊ मंडल और आसपास के जिलों में अवैध शराब और नकली शराब की बिक्री पर भारी दबाव बनाया गया है। आगामी दीपावली पर्व में यह अभियान और भी सख्त और व्यापक होगा, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी स्तर पर अवैध शराब समाज और कानून के लिए खतरा न बने।

उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार
दीपावली और बिहार में चुनावी सीजन के मद्देनजर लखनऊ मंडल के सभी जिलों में अवैध और नकली शराब के कारोबार पर पूरी तरह से निगरानी रखी जा रही है। किसी भी अधिकारी की लापरवाही या अवैध शराब में मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा उद्देश्य सिर्फ शराब माफियाओं को पकडऩा ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और युवाओं को इसके खतरे से बचाना है। जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा या अवैध कारोबार में शामिल होगा, उसके खिलाफ कड़ी और तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस त्योहार पर कोई समझौता नहीं होगा। हम शराब माफिया और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों दोनों को चेतावनी देना चाहते हैं कि अब उनका समय खत्म हो गया है।
राकेश कुमार सिंह
उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार

















