नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जलकल विभाग के रुके कार्यों को तुरंत प्रारंभ करने का दिया आदेश

-मलिन बस्तियों में जलापूर्ति आसान और तेज बनाने के लिए 20 नए टैंकर भी खरीदने के निर्देश 

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जलकल विभाग के कार्यों को गति देने के लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों, सुपरवाइजर और टीम के साथ बुधवार को एक समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर आयुक्त ने जलकल विभाग के 60 चल रहे कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और ऐसे 33 रुके कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को जल्दी से जल्दी धरातल पर प्रारंभ किया जाए ताकि शहरवासियों को जलापूर्ति में सुधार और सुगमता मिल सके। बैठक में महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, अधिशासी अभियंता जल आश कुमार, सहायक अभियंता जल शेषमणि यादव तथा समस्त जोन के अवर अभियंता उपस्थित थे। नगर आयुक्त ने प्रत्येक जोन के चल रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और निर्देशित किया कि निविदा प्रक्रिया को केवल एक सप्ताह में पूर्ण कर लिया जाए, ताकि जनवरी 2026 के प्रथम सप्ताह में कार्य धरातल पर शुरू किया जा सके। नगर आयुक्त ने इंदिरापुरम सहित पूरे नगर निगम क्षेत्र में 30 एचपी के लगभग 6 करोड़ की लागत से 12 नए नलकूप लगाने का कार्य तत्काल प्रारंभ करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही वार्ड संख्या 22 गगन एनक्लेव, वार्ड संख्या 61 वसुंधरा सेक्टर 2, और इंदिरापुरम क्षेत्र में 30 एचपी के साथ नलकूप रिबोर करने, तथा 15 एचपी के पांच नए नलकूप लगाने के निर्देश दिए गए। वार्ड संख्या 59 अनाज मंडी में नई पानी की पाइपलाइन बिछाने और वार्ड संख्या 47 महिंद्रा एंक्लेव में पाइपलाइन बिछाने की भी कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए गए। इसके अलावा नगर आयुक्त ने नीति खंड एक में 7 करोड़ रुपये से बनने वाले सम्प वेल, न्याय खंड में 7 करोड़ रुपये की नई पाइपलाइन और इंदिरापुरम के अन्य क्षेत्रों में पुरानी पाइपलाइन को सुधारते हुए नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य 10 दिन के भीतर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलकल विभाग को मलिन बस्तियों में जलापूर्ति को सरल बनाने के लिए 20 नए टैंकर, प्रत्येक की क्षमता 5000 लीटर, खरीदने की प्रक्रिया तुरंत पूरी करनी होगी।

नगर आयुक्त ने अवर अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए कि चल रहे सभी कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जाए और साप्ताहिक आधार पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने बाबुओं और लिपिकों को भी कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय कार्यों में सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से जलकल विभाग के चल रहे कार्यों की जानकारी त्रहृहृ पोर्टल पर अपलोड कर तीन दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। नगर आयुक्त ने बैठक में स्पष्ट किया कि जलकल विभाग के कार्यों की धीमी गति से जनता को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य का निरीक्षण समय-समय पर किया जाएगा और जो भी अधिकारी कार्य में सुस्ती दिखाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में लेखाधिकारी अनुराग भी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने कहा कि जलकल विभाग की यह कार्यवाही केवल शहरवासियों की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायी और कुशल बनाने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मलिन बस्तियों और अन्य समस्याग्रस्त क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति को सरल और तेज बनाने के लिए किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक के बाद नगर आयुक्त की सख्त कार्यशैली और जलकल विभाग के कामों को गति देने की पहल से जनता में काफी उम्मीदें जगी हैं। अधिकारियों ने भी नगर आयुक्त के निर्देशों के पालन का संकल्प लिया है और आश्वासन दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण किए जाएंगे। गाजियाबाद नगर निगम के नागरिकों के लिए यह कदम राहत का सबब बनेगा, क्योंकि जलकल विभाग के कई वर्षों से रुके हुए कार्य अब अगले कुछ सप्ताह में धरातल पर तेजी से शुरू होंगे और शहरवासियों को बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।