-पूर्व सांसद डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ‘बाबा जी’ व पार्षद कुसुम गोयल सहित बड़ी संख्या में साधक हुए शामिल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वैशाली सेक्टर-1 स्थित सावित्री ‘संजू’ एवं कमल किशोर के निवास पर रविवार को श्रीमद् राजचंद्र मिशन, दिल्ली के तत्वावधान में इस वर्ष के पहले ध्यान संघ सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मिशन के संस्थापक एवं मार्गदर्शक परम श्रद्धेय श्री गुरु रत्ना प्रभु के संकल्प से संचालित किया जा रहा है, जो पिछले लगभग चार वर्षों से हर महीने नियमित रूप से आयोजित होता आ रहा है। निरंतरता और साधकों की बढ़ती सहभागिता ने इस कार्यक्रम को क्षेत्र में एक विशिष्ट आध्यात्मिक पहचान दिलाई है।
कार्यक्रम की शुरुआत 23 मिनट के सत्संग से हुई, जिसके पश्चात 40 मिनट का निर्देशित ध्यान कराया गया। ध्यान सत्र के दौरान उपस्थित साधकों ने गहन एकाग्रता, शांति और मानसिक हल्केपन का अनुभव किया। श्री गुरु रत्ना प्रभु द्वारा निर्देशित यह ध्यान पद्धति साधकों को आत्मचिंतन और आत्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित करती है। इस अवसर पर वार्ड-72 की माननीय पार्षद श्रीमती कुसुम गोयल ने अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद कार्यक्रम में सहभागिता की।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ध्यान के दौरान उन्हें एक अद्भुत हल्केपन और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ, जिसकी अनुभूति प्रसाद रूप में लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं, से इस ध्यान कार्यक्रम से जुडऩे का आह्वान किया। कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब पूर्व सांसद एवं पूर्व कृषि मंत्री मध्य प्रदेश डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ‘बाबा जी’ भी साधकों के साथ ध्यान एवं सत्संग में सम्मिलित हुए। उन्होंने 83 वर्ष की आयु में भी अपने सक्रिय सार्वजनिक जीवन का श्रेय सत्संग और ध्यान को देते हुए कहा कि यही जनसेवा की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य का मूल आधार है। उन्होंने इसे ईश्वर से प्राप्त प्रसाद बताते हुए कार्यक्रम को ‘योग और ध्यान की एक सकारात्मक क्रांति’ की संज्ञा दी तथा श्री गुरु रत्ना प्रभु के प्रति आभार व्यक्त किया।
ध्यान सत्र से पूर्व साधकों को वीडियो क्लिप के माध्यम से उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा में नवंबर माह में लोकार्पित श्रीमद् राजचंद्र सेल्फ रियलाइजेशन केंद्र की झलकियां, संगीतमय भक्ति और साधकों के अनुभव भी दिखाए गए, जिससे वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायक बन गया। श्रीमद् राजचंद्र मिशन, दिल्ली द्वारा देश-विदेश में इस प्रकार के 108 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवा वर्ग, को ध्यान और आत्मिक साधना से जोडऩे का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में जोगेश भांबरी, यतेश शर्मा, कुमकुम शर्मा, सुषमा अग्रवाल, तारा खेतवाल, अल्का टंडन, दिव्या गुप्ता, सुभाष जैन, विनीत अग्रवाल, लीना, सौरभ, गिरिराज कुसमरिया, नरेश पाल, किरन सिंह, ज्योति जोशी, मनीषा, गीता चावला, शैफाली तिवारी, सारिका गुप्ता, सुरभि अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने बताया कि आने वाले महीनों में भी यह ध्यान संघ सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग आंतरिक शांति, संतुलन और सकारात्मक जीवन दृष्टि को अपना सकें।
















