गार्बेज फ्री सिटी: नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने गाजियाबाद को देश की स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिए शुरू किया 7-स्टार अभियान

-स्वच्छता जागरूकता के लिए घर-घर अभियान, नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद कार्यक्रम सक्रिय
-डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और वाहन ट्रैकिंग से सफाई व्यवस्था की प्रभावशीलता बढ़ाई गई
-पब्लिक शौचालयों की सफाई, शहर में पेंटिंग और आर.आर.आर. पहल से सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर नगर निगम ने गाजियाबाद को गार्बेज फ्री सिटी में 7-स्टार रेटिंग दिलाने और  ‘वाटर प्लस’ श्रेणी में पुन: शामिल कराने के लक्ष्य के साथ तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) टीम के साथ बैठक कर रणनीति तय की तथा शहर को उत्तर प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी नंबर-वन बनाने के लिए टीम का उत्साहवर्धन किया।

बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, जोनल सफाई अधिकारी, सभी जोनों के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक तथा एसबीएम टीम के सदस्य उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जमीनी स्तर पर कार्यों में तेजी लाना आवश्यक है। नगर निगम द्वारा घर-घर स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग रखने की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करते हुए लगभग 600 से अधिक वाहन इंदिरापुरम सहित सभी जोनों में कचरा एकत्र कर रहे हैं। वाहन ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से निगरानी बढ़ाई गई है, जिससे सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बन रही है।

नगर निगम द्वारा वार्ड स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन टीम के माध्यम से  ‘रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल’ के सिद्धांत को बढ़ावा दिया जा रहा है। शहर की सुंदरता को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्थलों पर पेंटिंग कार्य भी कराया जा रहा है, जबकि सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जा रही है। नगर आयुक्त ने बताया कि सफाई मित्रों के साथ-साथ शहरवासी भी स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने में भागीदारी कर रहे हैं। कई वार्डों में नागरिक स्वयं कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया अपनाते दिखाई दे रहे हैं। जनप्रतिनिधि और पार्षद भी जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो अभियान को जनआंदोलन का रूप दे रहा है।

पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर को राष्ट्रीय स्तर पर 11वां स्थान और उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था। इस उपलब्धि को और बेहतर बनाने के लिए निगम प्रशासन और टीम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 5-स्टार से 7-स्टार गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग प्राप्त करने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और कचरा निस्तारण पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शहर की सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य, जलकल और निर्माण विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।

बैठक में नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड में प्रतिदिन स्वच्छता गतिविधियाँ संचालित की जाएं और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी टूलकिट का पालन सुनिश्चित किया जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि शहरवासियों ने ठान लिया है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में गाजियाबाद को प्रदेश ही नहीं, देश में भी अव्वल बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास है, और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही गाजियाबाद स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।