-गलत के खिलाफ आवाज उठाना ही सच्ची आत्मरक्षा: उपासना पाण्डेय
-ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत छात्राओं को नशा, साइबर अपराध और सामाजिक खतरों से बचाव की दी जानकारी
-नुक्कड़ नाटक और स्वागत गीत ने बांधा समां, छात्राओं की प्रस्तुति ने दिया मजबूत सामाजिक संदेश
-पुलिस, मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों और शिक्षकों की मौजूदगी में जागरूकता कार्यक्रम बना प्रेरणा का मंच
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्री ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय में ऑपरेशन प्रहार अभियान के अंतर्गत छात्राओं के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सामाजिक अपराधों, नशा-लत, साइबर सुरक्षा तथा आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन की दिशा में प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, शिक्षा जगत और मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक स्वागत गीत से हुआ। छात्राओं की सुरमयी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। इसके पश्चात छात्राओं ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर अपराधों के गंभीर खतरों को सशक्त अभिनय के माध्यम से दर्शाया गया। छात्राओं की जागरूकता से भरी प्रस्तुति को उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने कहा सुरक्षित बेटियां ही सशक्त समाज की नींव हैं। किसी भी प्रकार की गलत गतिविधि, उत्पीडऩ या साइबर अपराध की स्थिति में चुप रहना समाधान नहीं है, बल्कि साहसपूर्वक आवाज उठाना ही वास्तविक आत्मरक्षा है। उन्होंने छात्राओं को हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर शिकायत प्रक्रिया और पुलिस सहायता प्रणाली की विस्तृत जानकारी भी दी। एसीपी उपासना पाण्डेय ने छात्राओं को नशे से दूर रहने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की तुरंत सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, जागरूकता और सही निर्णय क्षमता युवतियों को हर परिस्थिति में मजबूत बनाती है। कार्यक्रम में एसएचओ सचिन मलिक, एजुकेशन अकादमी के समन्वयक जी. के. कौल, मनोवैज्ञानिक डॉ. संस्कृति सिंह, ऑपरेशन प्रहार पुलिस सेवा समन्वयक वीरेश चंद्र सिंह, मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी प्रिंसी तथा साइबर सेल केंद्र प्रभारी तेजवीर सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध सजग रहने का संदेश दिया। विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य, निर्णय क्षमता और आत्मरक्षा के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
विद्यालय की प्राचार्या पूनम शर्मा, उप-प्राचार्या पूजा श्रीवास्तव एवं शिक्षिका बीनू गर्ग ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और सुरक्षा जागरूकता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में उत्साह, जिज्ञासा और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। प्रश्न-उत्तर सत्र में छात्राओं ने खुलकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल और व्यावहारिक समाधान दिया गया। जागरूकता, संवाद और प्रेरणा से भरपूर यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए केवल एक आयोजन नहीं बल्कि आत्मविश्वास, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

















