संभव जनसुनवाई में उठीं जनसमस्याएं, नगर निगम ने त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

-अपर नगर आयुक्त ने सुनी नागरिकों की शिकायतें, विभागीय अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
-पिछली जनसुनवाई के मामलों की भी हुई समीक्षा, फीडबैक लेकर परखी कार्रवाई
-सिविल, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, संपत्ति और अतिक्रमण से जुड़े कुल 16 प्रकरण दर्ज

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहरवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में ‘संभव जनसुनवाई’ का आयोजन किया गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर आयोजित इस जनसुनवाई में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने नागरिकों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. राय तथा संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह शामिल रहे। अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनकर मौके पर ही समाधान की दिशा में आवश्यक निर्देश जारी किए। नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और एक ही मंच पर प्रभावी सुनवाई हो सके। इस दौरान केवल नई शिकायतों को ही नहीं सुना गया, बल्कि पूर्व में आयोजित संभव जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति का भी विस्तृत फीडबैक लिया गया।

अपर नगर आयुक्त ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि जिन मामलों का समाधान लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए और शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक परिणाम मिले। जनसुनवाई में कुल 16 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें सर्वाधिक आठ शिकायतें सिविल कार्यों से संबंधित रहीं, जिनमें सड़कों की मरम्मत, नाली निर्माण और जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी दो शिकायतों में साफ-सफाई और कूड़ा उठान व्यवस्था को लेकर नागरिकों ने अपनी चिंता व्यक्त की। जलापूर्ति से संबंधित एक शिकायत भी प्राप्त हुई, जिसमें पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा संपत्ति संबंधी एक मामला, अतिक्रमण से जुड़ी एक शिकायत तथा उद्यान विभाग से संबंधित एक प्रकरण भी सामने आया। वहीं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित दो शिकायतें दर्ज की गईं, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश मौके पर ही दिए गए।

अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने कहा कि संभव जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का समाधान तय समय सीमा के भीतर किया जाए और प्रत्येक प्रकरण की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि नियमित जनसुनवाई व्यवस्था से न केवल नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेजी से होता है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होती है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी संभव जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाता रहेगा, ताकि शहरवासियों को बेहतर नगर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।