-निर्माण, जलकल, टैक्स, स्वास्थ्य, प्रकाश और उद्यान सहित सात विभागों की शिकायतों पर हुई कार्रवाई, नगर आयुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
-हर शिकायत के समाधान के बाद शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से लिया जाएगा फीडबैक, जवाबदेही तय करने की नई व्यवस्था लागू
-नंदग्राम से स्ट्रीट लाइट और सड़क, वसुंधरा में पार्क, विजयनगर में सड़क निर्माण, नेहरू नगर में सफाई सहित कई जनसमस्याओं का हुआ समाधान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित ‘संभव दिवस’ एक बार फिर आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच साबित हुआ। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्वयं जनसुनवाई कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और कार्रवाई पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना भी अनिवार्य किया जाए, ताकि समाधान की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। संभव दिवस के दौरान नगर निगम के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, निर्माण विभाग से विपुल एवं कुलदीप सहित अन्य अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं को विस्तार से सुना और संबंधित विभागों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई शुरू कराई। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए तथा निर्धारित समय सीमा में उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान कुल 16 संदर्भ प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक 6 शिकायतें निर्माण विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा टैक्स विभाग की 3, जलकल विभाग की 2, स्वास्थ्य विभाग की 2, उद्यान विभाग की 1, प्रकाश विभाग की 1 तथा पशु चिकित्सा विभाग की 1 शिकायत दर्ज की गई। सभी मामलों में संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके बाद अधिकांश शिकायतों का निस्तारण कर शिकायतकर्ताओं को इसकी सूचना भी उपलब्ध करा दी गई। जनसुनवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। शास्त्री नगर एवं लालकुआं से हाउस टैक्स संबंधी शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके निराकरण के लिए टैक्स विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। नंदग्राम से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तथा सड़क मरम्मत की शिकायतें सामने आईं, जिन पर प्रकाश एवं निर्माण विभाग ने कार्रवाई प्रारंभ कर दी। नेहरू नगर से सफाई कर्मचारियों की तैनाती और अवैध रूप से गेट लगाए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर स्वास्थ्य एवं प्रवर्तन से जुड़े अधिकारियों को तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार वसुंधरा से पार्क की मरम्मत, विजयनगर से सड़क निर्माण, राकेश मार्ग से पीएसएल आपूर्ति एवं पॉलीथीन मुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने का मामला सामने आया। वहीं राजनगर एक्सटेंशन से आवारा कुत्तों (सी-डॉग) की समस्या तथा शिब्बनपुरा से बंद पड़े पानी के पंप सेट को चालू कराने का संदर्भ प्राप्त हुआ। नगर आयुक्त के निर्देश पर सभी संबंधित विभागों ने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान की प्रक्रिया पूरी की। जनसुनवाई के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव को निर्देशित किया कि संभव दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से फीडबैक लिया जाए।
यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं है तो संबंधित विभाग दोबारा कार्रवाई करते हुए समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी विभाग नागरिकों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाएं तथा प्रत्येक शिकायत का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई तभी सफल मानी जाएगी जब शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले और उसे बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संभव दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को विस्तार से समझा और समाधान की प्रक्रिया से उन्हें अवगत कराया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि नगर निगम नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।















