– गाजियाबाद नगर निगम द्वारा खरीदे गये 28 मोबाइल टॉयलेट में से 10 हुए गायब
– गायब हुए मोबाइल टॉयलेट की कीमत है करीब 50 लाख रुपये
– म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह की जांच में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल
– पीसीएस अधिकारी आरएन पांडे के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। सुनकर जहां हंसी आएगी वहीं आश्चर्य भी होगा कि ऐसा भी होता है। लेकिन फिलहाल तो ऐसा ही होता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल मामला गाजियाबाद नगर निगम से जुड़ा हुआ है। स्वच्छ भारत अभियान के दौरान जो टॉयलेट खरीदे गये थे उसमें से 10 टॉयलेट गुम हो गये हैं। इन सभी के खोये हुए टॉयलेट को ढूढ़ने के लिए वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। तीन सदस्यीय टीम पता लगाएगी कि टॉयलेट कहां गुम हुये। यदि गुम हुए टॉयलेट का पता नहीं चलता है तो जिम्मेदार बाबू और अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत 28 मोबाइल टॉयलेट खरीदे थे। एक मोबाइल टॉयलेट की कीमत करीब 5 लाख रुपए थी। सर्वेक्षण के दौरान इन मोबाइल टॉयलेट को शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाया गया। ताकि लोग खुले में शौच न करें और शौच करने के लिए मोबाइल टॉयलेट का प्रयोग करें। लेकिन जब इन इन मोबाइल टॉयलेट की लोकेशन चेक की गई तो पता चला कि 10 टॉयलेट गायब हैं। गाजियाबाद के म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की बैठक के दौरान पता चला कि 10 मोबाइल टॉयलेट शहर में नहीं हैं। संभव है कि इन टॉयलेट को गायब कर दिया गया हो। मोबाइल टॉयलेट गायब किये जाने की आशंका को देखते हुए अपर नगर आयुक्त पीसीएस अधिकारी आरएन पांडेय के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले की जांच कराई जा रही है। शक है कि मोबाइल टॉयलेट गायब कराने में दो अधिकारी और एक बाबू का हाथ है। ऐसे में जांच के दौरान इस पहलू को भी ध्यान में रखा जाएगा। उधर, आरोपियों के लिए भी यह एक मौका है कि वह जांच पूरी होने से पहले टॉयलेट का पता जांच अधिकारी को बता दें अन्यथा उन्हें गंभीर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। जांच में दोषी पाए जाने पर टॉयलेट गायब कराने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला भी बन सकता है। नगर निगम में उजागर हुए ताजातरीन इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। जो मोबाइल टॉयलेट गायब हुए हैं उनकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है। ऐसे में मोबाइल टॉयलट का पता नहीं लगने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से रिकवरी भी की जाएगी।
















