दिल्ली-एनसीआर में पत्नी के साथ वाहनों की करता था रैकी, मुठभेड़ में घायल

गाजियाबाद। जिले की क्राइम ब्रांच व इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के सरगना को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। जिसके कब्जे से पुलिस ने चोरी की कार, तंमचा, चोरी का लैपटॉप बरामद किया है। एसपी सिटी द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली की वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह का सरगना स्विफ्ट कार में किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से इंदिरापुरम क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी, इंदिरापुरम थाना प्रभारी मनीष बिष्ट की टीम गठित करते हुए चेकिंग के लिए लगाया गया। तभी कनावनी पुलिया के पास चेकिंग के दौरान उक्त कार को रुकने का इशारा किया तो आरोपी पुलिस टीम पर फायर कर भागने लगा। पुलिस टीम ने कार का पीछा कर चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरा देख आरोपी ने फिर पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में लोकेश उर्फ लोकेंद्र निवासी सिलाना छपरौली बागपत को गोली लगी। पुलिस ने लोकेश के पास से चोरी की एक स्वीफ्ट कार, तमंचा व कारतूस बरामद कर उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

एसपी सिटी द्वितीय ने बताया पकड़ा गया आरोपी अंतर्राज्जीय वाहन चोर है। वह और उसका गैंग ऑन डिमांड वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। जिसके खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थानों में चोरी, हत्या की कोशिश, डकैती, गैंगस्टर के 29 मुकदमें दर्ज है। वाहन चोरी में उसकी पत्नी सविता भी उसका साथ देती थी। जो कि गिरोह में शामिल है। आरोपी पत्नी के साथ वाहनों की रैकी करता था, जिससे चेकिंग के दौरान पुलिस को उस पर शक न हो। जिसके बाद साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था।

सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्रा ने बताया आरोपी लोकेश पिछले कई सालों से चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था है, जो कि वाहन चोरी की वारदातों में डेढ़ शतक लगा चुका है। चोरी किए गये वाहनों को पहले सोतीगंज, मेरठ में बेचता था। वह बंद होने पर टप्पल, अलीगढ़ में वाहनों को बेचने लगा था। चोरी के वाहन से जो पैसे मिलते थे, उसे पत्नी के बैंक खाते में जमा कर देता था। बाद में उन रुपयों को निकालकर गिरोह के अन्य सदस्यों को देता था। आरोपी की पत्नी का बैंक खाता सीज कराने की कार्रवाई की जाएगी। गिरोह के चार साथी पूर्व में जेल जा चुके है।