-शास्त्रीनगर और कौशांबी में आवासीय भूखंडों पर लगी ऊंची बोलियां, जनवरी में जीडीए की कुल आय 429 करोड़ के पार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से रिक्त संपत्तियों के निस्तारण के लिए शुक्रवार को जीडीए सभागार में आयोजित नीलामी में निवेशकों ने जमकर दिलचस्पी दिखाई। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस नीलामी में शास्त्रीनगर योजना के आवासीय भूखंडों समेत कुल 11 भूखंडों को बेचकर जीडीए ने करीब 234.11 करोड़ रुपये की अनुमानित आय सुनिश्चित की है। यह नीलामी जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशन में संपन्न हुई। नीलामी की अध्यक्षता जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने की। इस दौरान ओएसडी कनिका कौशिक, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नीलामी में खरीदारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कई भूखंडों पर रिजर्व प्राइस से कहीं अधिक दरों पर बोलियां लगाईं।
सबसे अधिक मांग शास्त्रीनगर योजना की बागवाली कॉलोनी स्थित आवासीय भूखंडों की रही। इन भूखंडों का रिजर्व प्राइस 60 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया था, लेकिन नीलामी के दौरान एक भूखंड 2.20 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर और दूसरा 2.60 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की रिकॉर्ड दर पर बिक गया। दोनों भूखंडों का क्षेत्रफल 145.14 वर्गमीटर है। इन ऊंची बोलियों ने नीलामी को खास बना दिया। कौशांबी योजना के आवासीय भूखंडों पर भी निवेशकों की खास रुचि देखने को मिली। यहां 93 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के रिजर्व प्राइस वाले भूखंड 1.61 लाख और 1.95 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से नीलाम हुए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जीडीए की आवासीय योजनाओं में निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। वैशाली योजना में स्थित 4,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल का स्कूल भूखंड भी नीलामी का प्रमुख आकर्षण रहा। 92 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के रिजर्व प्राइस के मुकाबले यह भूखंड 95,500 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बिककर करीब 38.20 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ।
इसके अलावा कोयल एन्क्लेव योजना के दो ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर भी अच्छी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। 60 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के रिजर्व प्राइस वाले ये दोनों भूखंड क्रमश: 60,400 और 60,450 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बिके। इनसे जीडीए को लगभग 158.03 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। इंद्रप्रस्थ योजना के पॉकेट-डी में स्थित 4,353 वर्गमीटर का एक ग्रुप हाउसिंग भूखंड 43,500 रुपये प्रति वर्गमीटर के रिजर्व प्राइस के मुकाबले 66,500 रुपये प्रति वर्गमीटर की ऊंची दर पर नीलाम हुआ, जिससे करीब 24.59 करोड़ रुपये की आय होगी। वहीं, इंद्रप्रस्थ योजना के पॉकेट-ई में स्थित 195-195 वर्गमीटर के दो व्यावसायिक भूखंड 62 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से लगभग 1.20 करोड़ रुपये प्रति भूखंड में बिके।
गौरतलब है कि इस नीलामी में जीडीए ने विभिन्न योजनाओं के कुल 56 रिक्त आवासीय, व्यावसायिक, स्कूल और ग्रुप हाउसिंग भूखंड बिक्री के लिए रखे थे। इनमें से 11 भूखंडों की सफल नीलामी से जीडीए को करीब 234.11 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। बता दें कि इससे पहले 8 जनवरी को हुई नीलामी में जीडीए ने 11 रिक्त संपत्तियां बेचकर लगभग 194 करोड़ रुपये की आय अर्जित की थी। इस तरह जनवरी माह में हुई दोनों नीलामियों से जीडीए को कुल मिलाकर करीब 429 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। यह उपलब्धि जीडीए की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ शहर के विकास कार्यों को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
















