डीसीपी धवल जायसवाल की सख्ती से 150 गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद, पीडि़त बोले-  ‘थैंक्यू सर ‘

-सीईआईआर और आधुनिक तकनीक से मोबाइल ट्रेसिंग, पुलिस की लगातार निगरानी से लौट आई मुस्कान, अपराधियों के लिए चेतावनी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर जोन पुलिस ने शुक्रवार को 150 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर न केवल अपराधियों को चेतावनी दी, बल्कि पीडि़तों के चेहरे पर मुस्कान भी लौटाई। पुलिस लाइन के परमजीत हॉल में डीसीपी नगर धवल जायसवाल ने पीडि़तों को उनके मोबाइल सौंपे। इस दौरान कई पीडि़त भावुक हो गए और उन्होंने डीसीपी से कहा,  ‘थैंक्यू सर, आपने हमारी उम्मीदें पूरी की। बरामद किए गए मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 35 लाख रुपए है। ये मोबाइल दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से बरामद किए गए। डीसीपी सिटी ने बताया कि रोजाना थानों में मोबाइल लूट, चोरी और गुम होने की शिकायतें आती हैं। ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए नगर जोन पुलिस की सर्विलांस टीम लगातार सतर्क रहती है। सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) तकनीक के माध्यम से मोबाइलों की पहचान और ट्रेसिंग की गई। डीसीपी धवल जायसवाल ने कहा कि तकनीक और पुलिस टीम की मेहनत से ही यह बड़ी सफलता मिली।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लूट और चोरी के मोबाइल खरीदने वालों से पूछताछ की जा रही है और अपराधियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में नगर कोतवाली और विजयनगर पुलिस सबसे आगे रही। नगर कोतवाली ने 42 मोबाइल, विजयनगर पुलिस ने 36, मधुबन बापूधाम ने 19, नंदग्राम पुलिस ने 23, सिहानी गेट पुलिस ने 16, कविनगर पुलिस ने 6 और साइबर थाना ने 8 मोबाइल बरामद किए।
डीसीपी धवल जायसवाल की कार्यशैली और सख्ती इस सफलता की सबसे बड़ी वजह रही। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक और सतत निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उनकी टीम ने न केवल चोरी और लूट की घटनाओं पर लगाम लगाई बल्कि अपराध नियंत्रण की नई मिसाल भी कायम की। उन्होंने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। भविष्य में भी चोरी और लूट की घटनाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। डीसीपी ने यह भी कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में कानून के शिकंजे से बचने का मौका नहीं मिलेगा और तकनीकी दक्षता के माध्यम से हर मामले को सुलझाया जाएगा। पीडि़तों ने कहा कि अब उन्हें पुलिस पर भरोसा और बढ़ गया है।

कई लोगों ने डीसीपी धवल जायसवाल और उनकी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके प्रयासों की वजह से गुम हुए मोबाइल वापस मिले। डीसीपी की सक्रियता और कड़ा दृष्टिकोण गाजियाबाद में अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा की दिशा में एक नया उदाहरण बन गया है। आज 150 मोबाइल बरामद करना हमारी मेहनत और तकनीक की सफलता का प्रमाण है। पीडि़तों का ‘थैंक्यू सर’ कहना हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम है। मैं जनता से भी अपील करता हूँ कि मोबाइल खोने या चोरी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि हम तेजी से कार्रवाई कर सकें। हमारा लक्ष्य है कि गाजियाबाद अपराध मुक्त और सुरक्षित शहर बने। हम लगातार इस प्रयास को जारी रखेंगे और अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।