मधुबन-बापूधाम योजना में नवरात्रि पर 161 परिवारों को मिलेगा नया भूखंड, जीडीए उपाध्यक्ष ने दी अंतिम मंजूरी

  • श्मशान व कब्रिस्तान के पास भूखंडों से प्रभावित आवंटियों को लॉटरी के माध्यम से सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान पर आवंटन
  • जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए
  • पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र पर्यवेक्षण की व्यवस्था की गई
  • नवरात्रि पर्व के मौके पर भूखंड आवंटन से 161 परिवारों को राहत और खुशियों का संदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में उन आवंटियों के लिए खुशखबरी है, जिनके भूखंड श्मशान या कब्रिस्तान के निकट स्थित थे। इन 161 परिवारों को नवरात्रि पर्व से पहले लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से नए और सुरक्षित भूखंड आवंटित किए जाएंगे। यह निर्णय जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स द्वारा लिया गया, जिन्होंने आवंटियों की सुविधा और संतोष को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि पिछले कई महीनों से श्मशान के निकट भूखंडों से प्रभावित आवंटियों द्वारा बार-बार शिकायत और अनुरोध किया गया था कि उन्हें अन्य सुरक्षित स्थानों पर भूखंड आवंटित किए जाएं। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और अधिकारियों को शीघ्र समाधान के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। इस प्रक्रिया में सभी तैयारियों को न केवल समयबद्ध बल्कि पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया। इसके लिए जीडीए ने नई योजना के तहत ले-आउट तैयार किया और इसे बोर्ड बैठक में अनुमोदित कराया।

उपाध्यक्ष ने निर्देशित किया कि लॉटरी ड्रॉ केवल उन आवंटियों के लिए होगा, जिनके भूखंड श्मशान या कब्रिस्तान के निकट थे। इस लॉटरी में शामिल आवंटियों को नए भूखंड दिए जाएंगे, जहां वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकेंगे। भवन अनुभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वह सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करे। साथ ही उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में स्वतंत्र पर्यवेक्षण की व्यवस्था की जाएगी ताकि हर कदम पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवंटियों को विश्वास दिलाया जाए कि उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और किसी प्रकार की अनियमितता या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतुल वत्स ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हर परिवार को ऐसा घर और भूखंड मिले, जहां उसका जीवन गरिमापूर्ण, सुरक्षित और स्वस्थ हो।

नवरात्रि के अवसर पर 161 परिवारों को नए भूखंडों का आवंटन करना सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी प्रतिबद्धता भी है। यह कदम प्रभावित परिवारों के लिए राहत और खुशियों का संदेश लेकर आएगा। उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और इसमें किसी प्रकार की प्राथमिकता या पक्षपात नहीं होगा। सभी दस्तावेज, नामांकन और लॉटरी प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से आयोजित की जाएगी। यह कदम जीडीए की सामाजिक संवेदनशीलता और आवंटियों के हितों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। मधुबन-बापूधाम योजना के तहत यह पहल न केवल आवंटियों के जीवन को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि शहर की योजनाओं में पारदर्शिता और विश्वास का प्रतीक भी बनेगी। नवरात्रि के पर्व पर भूखंड आवंटन के साथ 161 परिवारों को नई उम्मीद और जीवन की नई शुरुआत का अवसर मिलेगा।