18 हजार वर्गमीटर जमीन पर कब्जा कर बो रहे थे सब्जी और गेहूं
निगम की जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के बुरे दिन शुरू
गाजियाबाद। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ नगर निगम द्वारा अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछ माह में नगर निगम करोड़ों रुपये कीमत की जमीन कब्जामुक्त करवा चुका है। नगर निगम की सीमा के अंतर्गत जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। म्युनिसिपल कमिश्रर महेंद्र सिंह तंवर ने स्पष्ट कहा कि एक-एक इंच जमीन को कब्जामुक्त करवाया जाएगा। कब्जामुक्त कराई गई भूमि की तारबंदी की जाएगी। जिससे कि दोबारा कोई व्यक्ति उसे जमीन पर कब्जा न कर पाए। कब्जा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। बुधवार को म्युनिसिपल कमिश्रर महेंद्र सिंह तंवर के आदेश पर नगर निगम की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा को हटाया गया।
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त एवं संपत्ति प्रभारी आरएन पांडेय ने निगम प्रवर्तन दल के प्रभारी कर्नल दीपक शरण, सिटी जोनल प्रभारी सुधीर शर्मा, संपत्ति अधीक्षक भोला नाथ ने टीम के साथ राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक मोरटी के पास गांव मेवला अगरी के खसरा नंबर-902/1, 903/1, 904, 905 की जमीन को कब्जा मुक्त कराया। यहां पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा था।
म्युनिसिपल कमिश्रर के आदेश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने18 हजार वर्गमीटर जमीन को जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर चलाकर कब्जामुक्त कराया। अपर नगर आयुक्त आरएन पांडेय ने बताया कि मेवला अगरी में नगर निगम की सरकारी जमीन है। यहां पर अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर सब्जी और गेहूं बोए जाने की शिकायत की गई थी। 
शिकायत के आधार पर बुधवार को टीम के साथ मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर से खेतों की जुताई कराने के बाद करीब 18 हजार वर्ग मीटर जमीन पर 3 कमरे और चारदीवारी को ध्वस्त कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया। कब्जा मुक्त कराई गई जमीन की वर्तमान में करीब 40 करोड़ रुपए है। जमीन कब्जामुक्त कराने के बाद जुताई करने पर इसकी चारों तरफ तार फेंसिंग कराने का कार्य भी शुरू कराया गया। 
जिससे दोबारा उक्त जमीन पर कब्जा न किया जा सकें। वहीं, विजयनगर जोन में डबल टंकी रोड से लीलावती चौक तक अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। रेहडी-पटरी वालों ने सड़को को घेर कर अतिक्रमण किया हुआ था। जिसकी शिकायत म्युनिसिपल कमिश्रर से की गई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाकर सड़क को कब्जा मुक्त कराया गया।
















