• आवेदनों का सत्यापन करने को जोनवार नगर निगम व तहसील की लगी टीम
• केवल पात्रों को मिलेगा लाभ, आवेदन में मिली गड़बड़ी तो अपात्र घोषित
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 को लेकर गाजियाबाद में बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया है। नगर निगम और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीमों ने 4890 ऑनलाइन आवेदनों की डोर-टू-डोर जांच शुरू कर दी है। यह अभूतपूर्व अभियान शहर के सभी पांच जोनों में तेजी से चलाया जा रहा है ताकि केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल सके। मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित और डूडा परियोजना अधिकारी संजय पथेरिया सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आवेदनों के डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने पर रणनीतिक चर्चा हुई। साथ ही संयुक्त टीमों को निर्देश दिए गए कि वे घर-घर जाकर मकान की स्थिति, आवेदक की पात्रता व दस्तावेजों की बारीकी से जांच करें।
नगर निगम के अनुसार, 4890 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं, जिनका सत्यापन युद्धस्तर पर किया जा रहा है। जिलाधिकारी दीपक मीणा और नगर आयुक्त विक्रमा दित्य सिंह मलिक के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ न मिले। इसी के तहत सभी जोनल प्रभारी अपनी टीमों के साथ दिन-रात काम में जुटे हैं। नगर निगम के अनुसार, यह अभियान अगले एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर उन्हें योजना से जोड़ा जाएगा। अधिकारी रोजाना इस कार्य की निगरानी कर रहे हैं और हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में गरीब, जरूरतमंद और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित होते शहर में हजारों की संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो वर्षों से पक्के मकान की आस लगाए बैठे हैं। यह योजना न सिर्फ ऐसे परिवारों का सपना पूरा करेगी, बल्कि शहरी विकास की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी। नगर निगम और तहसील प्रशासन की टीमें न सिर्फ दस्तावेजों की जांच कर रही हैं, बल्कि मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन भी कर रही हैं। यदि किसी भी आवेदन में गड़बड़ी पाई गई, तो उसे तत्काल अपात्र घोषित कर दिया जाएगा। सभी की नजरें अब उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो अगले सप्ताह के अंत तक प्रस्तुत की जाएगी। यह रिपोर्ट तय करेगी कि कौन होगा इस योजना का असली लाभार्थी।

नगर आयुक्त
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत गाजियाबाद में केवल उन्हीं पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा, जो सभी मापदंडों पर खरे उतरते हैं। नगर निगम व तहसील प्रशासन की संयुक्त टीमें डोर-टू-डोर जाकर आवेदनों का गहन सत्यापन कर रही हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ न मिले और वास्तविक जरूरतमंदों को ही उनका अधिकार मिल सके। सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और निष्पक्ष बनाया गया है, ताकि आने वाले सप्ताह में हम अंतिम सूची तैयार कर लाभार्थियों को जल्द से जल्द योजना से जोड़ सकें।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त


















