विधायकी जाने के बाद वसूली की तैयारी तेज
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। अब्दुल्ला ने विधायक रहते वेतन और भत्ते के रूप में विधान सभा सचिवालय से 65 लाख 87 हजार रुपए लिए थे। योगी सरकार ने इस रकम की वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। दरअसल अब्दुल्ला आजम की विधायकी रद्द की जा चुकी है। सपा के वरिष्ठ नेता एवं रामपुर से सांसद आजम खान वर्तमान में सीतापुर जेल में बंद हैं। आजम की पत्नी और बेटा भी जेल की हवा खा रहे हैं। रामपुर के आकाश सक्सेना की शिकायत पर उप्र सरकार ने अब्दुल्ला आजम से रकम वसूली के लिए नोटिस भेजा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष दिसम्बर में अब्दुल्ला आजम की विधायकी निरस्त कर दी थी। मद्रास हाईकोर्ट के एक आदेश के क्रम में राज्य सरकार ने अब्दुल्ला आजम के विधायक रहने के समय सरकार से उठाए गए वेतन और भत्तों की वसूली हेतु नोटिस जारी किया है। यह रकम 65 लाख 87 हजार से ज्यादा की है। रकम न लौटने पर अब्दुल्ला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उधर, भाजपा नेता आकाश सक्सेना का कहना है कि 3 माह के भीतर अब्दुल्ला आजम को यह रकम विधान सभा सचिवालय के खाते में जमा करानी होगी। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो एक साधारण आदमी की भांति उन पर भी ब्याज की रकम जोड़कर कुल रकम की वसूली की जानी चाहिए। भाजपा नेता आकाश ने विगत 3 अगस्त को इस संबंध में विधान सभा के प्रमुख सचिव से शिकायत की थी। उन्होंने मांग की थी कि विधायक रहते अब्दुल्ला आजम ने वेतन और भत्तों के रूप में जितना सरकारी पैसा लिया है, उसकी वसूली की जाए। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद सपा नेता आजम खान और उनके परिवार से जुड़े मामलों की सघन जांच शुरू हुई थी। इसके बाद से आजम परिवार की परेशानियां बढ़ गई हैं।
















