-सामाजिक एकता और आस्था का प्रतीक है गोवर्धन पूजा: डॉ. मनोज गोयल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर वैशाली और कौशांबी क्षेत्रों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल ने वैशाली स्थित नारायण भक्ति ज्ञान सत्संग मंडल एवं कौशांबी ए ब्लॉक कॉर्नर संगठन द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना की। वैशाली में गोवर्धन पूजा का कार्यक्रम इस वर्ष विशेष रूप से भव्य रहा। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हर तरफ दीपों की रोशनी और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में गोवर्धन पर्वत की प्रतिकृति बनाकर पूजा की और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, व्यापारी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रमुख रूप से सुभाष शर्मा, नरेंद्र वर्मा, अवधेश कटिहार, संजय सिंह, शिव शंकर उपाध्याय, पी.के. तुली, कैलाश गोयल, प्रदीप सिसोदिया, घनश्याम गुप्ता, देवेंद्र महाजन, राकेश गुप्ता, संजय जैन और श्यामवीर भदौरिया उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर गोवर्धन पर्व की पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल ने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि सामूहिक सहयोग और प्रेम से समाज की हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियाँ समाज में एकजुटता और सकारात्मकता का भाव जगाती हैं, और हमें अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देती हैं। कौशांबी ए ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया। भक्ति गीतों और सत्संग के बीच क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रसाद वितरण किया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएँ दीं। डॉ. गोयल ने इस अवसर पर आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को जोडऩे का कार्य करते हैं और आने वाली पीढिय़ों को हमारी परंपराओं से परिचित कराते हैं। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। जगह-जगह सजावट, दीपों की कतारें और भजन-सत्संग से पूरा क्षेत्र भक्ति रस में डूब गया।

















