गोवर्धन पूजा पर नंदी पार्क गौशाला में भक्ति और पर्यावरण चेतना का संगम

-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने श्रद्धा और उत्साह के साथ गोवंशों की सेवा की
-शहरवासियों से पर्यावरण संरक्षण का किया आह्वान

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर नंदी पार्क गौशाला में बुधवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने परंपरागत विधि-विधान के अनुसार गौमाता की पूजा, उन्हें माला पहनाना, लाल चुन्नी उड़ाना और गोवंशों को गुड़ और हरा चारा खिलाना सुनिश्चित किया। गौशाला परिसर में भक्तिमय वातावरण व्याप्त रहा और उपस्थित श्रद्धालुओं ने वृंदावन बिहारी लाल श्रीकृष्ण भगवान तथा गोवर्धन महाराज की जयकारे लगाकर वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। नगर आयुक्त ने इस अवसर पर उपस्थित शहरवासियों और गौशाला कर्मियों को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए मिठाई वितरित की और सभी से अपील की कि वे धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी गोवंशों के महत्व को समझें। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें मानव और प्रकृति के गहरे संबंध की याद दिलाती है। जब तक हम प्रकृति के प्रति संवेदनशील नहीं होंगे, तब तक स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण की कल्पना नहीं की जा सकती।

नगर आयुक्त ने कहा कि गोवंश न केवल धार्मिक दृष्टि से पूजनीय हैं बल्कि पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखने में भी इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गाय के दूध से जहां स्वास्थ्य लाभ होता है, वहीं उसका गोबर और मूत्र पर्यावरण संरक्षण में योगदान देता है। गोबर का उपयोग जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, दीपक निर्माण, ऊर्जा उत्पादन और अन्य पर्यावरण हितकारी कार्यों में किया जा सकता है। उन्होंने गोपालकों से अपील की कि वे गोवंशों को सड़कों पर खुले में न छोड़ें, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि गोवंश की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराता है। नंदी पार्क गौशाला में वर्तमान में 1865 गोवंशों की देखभाल की जा रही है। उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि निगम के कर्मचारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ गोवंशों की सेवा करते हैं।

कई श्रद्धालु भी समय-समय पर गौशाला पहुंचकर गोमाता को हरा चारा और गुड़ खिलाते हैं, जिससे उन्हें सेवा का पुण्य प्राप्त होता है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा के उपलक्ष्य में लगभग 200 से अधिक परिवारों ने नंदी पार्क गौशाला पहुंचकर सामूहिक रूप से पूजा की। श्रद्धालुओं ने न केवल धार्मिक आस्था प्रकट की बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी परिचय दिया। नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि नगर निगम की गौशाला से निकलने वाले गोबर का उपयोग कई पर्यावरणीय कार्यों में किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने में सहायता मिल रही है और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हो रहा है।

नगर आयुक्त ने कहा कि गाय और गोवर्धन पर्व का संदेश यही है कि जब हम प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलते हैं तो समाज में समृद्धि और शांति बनी रहती है। गाजियाबाद नगर निगम हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गोवर्धन पूजा को श्रद्धा, उल्लास और जनभागीदारी के साथ आयोजित करता है। शहरवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि गाजियाबाद की जनता न केवल धार्मिक रूप से आस्था रखती है बल्कि पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति भी सजग है। नगर आयुक्त ने अंत में सभी उपस्थित नागरिकों से अनुरोध किया कि वे गोवंशों की सेवा, शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि गाजियाबाद एक आदर्श और हरित शहर के रूप में उदाहरण बन सके।