गाजियाबाद में जल संरक्षण और औद्योगिक स्थिरता का नया युग: 40 एमएलडी टीएसटीपी प्लांट पूरी तरह चालू

  • साहिबाबाद की 1200 औद्योगिक इकाइयों को शोधित जल की नियमित आपूर्ति शुरू
  • नगर आयुक्त ने किया प्लांट का निरीक्षण, तकनीकी और संचालन पहलुओं पर दी दिशा-निर्देश
  • आधुनिक तकनीक और स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम से शहर में स्थापित हुआ पर्यावरण-अनुकूल मॉडल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोजेक्ट अब पूरी तरह से तैयार हो गया है। इंदिरापुरम स्थित 40 एमएलडी क्षमता वाला टर्शियरी ट्रीटमेंट सेफ्टी प्लांट (टीएसटीपी) अब पूरी तरह चालू है और साहिबाबाद की लगभग 1200 औद्योगिक इकाइयों को प्रतिदिन 15 एमएलडी शोधित जल की आपूर्ति की जा रही है। इस पहल से न केवल उद्योगों को नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित हुई है, बल्कि भूजल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बुधवार को प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। उनके साथ महाप्रबंधक जल के.पी. आनंद, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार और वेबेग कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अग्नि मोहती मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने प्लांट में शोधित जल की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया, लैब का निरीक्षण किया और वॉटर क्वालिटी टेस्टिंग की जानकारी ली। उन्होंने संचालन और रखरखाव की सटीक मॉनिटरिंग और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की। नगर आयुक्त ने कहा कि यह परियोजना गाजियाबाद के विकास और पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रतिदिन 15 एमएलडी जल की आपूर्ति हो रही है, जिसे जल्द ही बढ़ाया जाएगा। यह पहल न केवल औद्योगिक इकाइयों की जल आवश्यकताओं को पूरा कर रही है, बल्कि भूमिगत जल पर निर्भरता कम कर जल संरक्षण में योगदान दे रही है।

अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक निगरानी प्रणाली
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को लगभग तीन वर्षों में पूरा किया गया, जिसमें आधुनिक जल शोधित तकनीक, स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम और सेंसर्स का उपयोग किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से हर स्तर पर जल की गुणवत्ता और वितरण की सतत निगरानी संभव है। नगर आयुक्त ने प्रोजेक्ट से जुड़े अभियंताओं और अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि गाजियाबाद के लिए गर्व की बात है।

भविष्य में और अधिक औद्योगिक इकाइयों को होगा लाभ
नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम इस प्लांट को अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए मॉडल परियोजना के रूप में विकसित करेगा। इसके माध्यम से आने वाले समय में शहर की अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी शोधित जल की आपूर्ति शुरू की जाएगी, जिससे शुद्ध जल संसाधनों पर दबाव कम होगा और गाजियाबाद पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक शहर के रूप में उभरेगा।

नगर निगम की प्रतिबद्धता: सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट मॉडल
निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने टीम को निर्देश दिए कि प्लांट के संचालन और रखरखाव की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाए ताकि इसे शीघ्र ही विधिवत रूप से उद्घाटित किया जा सके। यह परियोजना अब पूरे एनसीआर क्षेत्र में सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट मॉडल के रूप में पहचान बना रही है। नगर निगम का यह प्रयास औद्योगिक जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

नगर निगम के लिए यह ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोजेक्ट एक ऐतिहासिक पहल है। इंदिरापुरम स्थित 40 एमएलडी टीएसटीपी प्लांट अब पूरी तरह चालू है और साहिबाबाद की लगभग 1200 औद्योगिक इकाइयों को प्रतिदिन 15 एमएलडी शोधित जल की आपूर्ति की जा रही है। यह न केवल औद्योगिक उत्पादन में स्थिरता लाएगा, बल्कि भूजल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस परियोजना में आधुनिक तकनीक और स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम का उपयोग किया गया है, जिससे जल की गुणवत्ता और वितरण पर सतत निगरानी संभव है। नगर निगम का यह प्रयास केवल शहर के उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गाजियाबाद को एनसीआर क्षेत्र में एक सस्टेनेबल और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक शहर के रूप में स्थापित करने का भी प्रयास है। टीम ने तीन वर्षों की मेहनत और विशेषज्ञता के साथ इस प्रोजेक्ट को पूर्ण किया। मैं संबंधित सभी अधिकारियों और तकनीकी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देता हूँ। अब हमारा फोकस प्लांट के संचालन और रखरखाव को अंतिम रूप देने और इसे पूर्ण क्षमता से चालू करने पर है, ताकि गाजियाबाद का यह मॉडल अन्य नगर निगमों के लिए प्रेरणास्पद बने।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त