गाजियाबाद में निवेश का सुनहरा मौका, जीडीए 17 जुलाई को 89 भूखंडों की करेगा मेगा नीलामी

-पहली बार मिक्स उपयोग वाले भूखंड होंगे नीलाम, एक ही परिसर में मिलेगा आवास और व्यवसाय का अधिकार
-इंदिरापुरम, मधुबन-बापूधाम, इंद्रप्रस्थ, वैशाली और कौशांबी समेत कई योजनाओं के भूखंड होंगे शामिल
-13 जुलाई तक किए जा सकेंगे आवेदन, 17 जुलाई को हिंदी भवन में होगी खुली बोली

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) शहर में निवेश और विकास को नई गति देने की तैयारी में है। प्राधिकरण आगामी 17 जुलाई को अपनी विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं के 89 भूखंडों की मेगा नीलामी आयोजित करेगा। इस बार की नीलामी कई मायनों में विशेष होगी, क्योंकि पहली बार ऐसे मिक्स उपयोग (आवासीय एवं व्यावसायिक) भूखंड भी बोली के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन पर एक ही परिसर में आवास और व्यवसाय दोनों संचालित किए जा सकेंगे। इससे निवेशकों, कारोबारियों और आम नागरिकों को एक नया विकल्प मिलेगा।
जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर आयोजित होने वाली यह नीलामी 17 जुलाई को सुबह 11 बजे लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में संपन्न होगी। नीलामी की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इच्छुक आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य रिक्त पड़े भूखंडों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहर के सुनियोजित विकास को गति देना है। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि इस नीलामी में इंदिरापुरम, इंदिरापुरम विस्तार, मधुबन-बापूधाम, इंद्रप्रस्थ, वैशाली, कौशांबी, कर्पूरीपुरम, आंबेडकर रोड डिस्ट्रिक्ट सेंटर तथा उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र सहित विभिन्न योजनाओं के कुल 89 भूखंड बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इनमें सबसे अधिक 62 भूखंड इंदिरापुरम और इंदिरापुरम विस्तार योजना के हैं, जो अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध होंगे।

उन्होंने बताया कि इस बार नीलामी की सबसे बड़ी विशेषता मिक्स उपयोग वाले पांच भूखंड हैं। ये सभी 18 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित हैं। इन भूखंडों पर आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां एक साथ संचालित करने की अनुमति होगी। भवन का नक्शा स्वीकृत कराते समय दोनों उपयोगों की अनुमति एक साथ प्रदान की जाएगी। इससे ऐसे लोग, जो अपने व्यवसाय के साथ उसी परिसर में निवास करना चाहते हैं, उन्हें विशेष सुविधा मिलेगी। नीलामी में केवल आवासीय या मिश्रित उपयोग वाले भूखंड ही नहीं, बल्कि औद्योगिक, ग्रुप हाउसिंग, उच्च विद्यालय, नर्सिंग होम तथा अन्य संस्थागत श्रेणियों के भूखंड भी शामिल किए गए हैं। विशेष रूप से मधुबन-बापूधाम योजना के औद्योगिक भूखंड उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जबकि इंद्रप्रस्थ योजना के ग्रुप हाउसिंग भूखंड बड़े आवासीय प्रकल्प विकसित करने का अवसर प्रदान करेंगे। प्राधिकरण के अनुसार नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों और संस्थाओं को 13 जुलाई तक अपना आवेदन जमा करना होगा।

आवेदन की जांच और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों को नीलामी में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद 17 जुलाई को खुली बोली के माध्यम से सफल बोलीदाताओं का चयन किया जाएगा। जीडीए अधिकारियों का मानना है कि शहर में तेजी से बढ़ते विकास और बेहतर आधारभूत सुविधाओं के कारण इन योजनाओं के भूखंडों की मांग लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी और इंद्रप्रस्थ जैसी विकसित योजनाओं में निवेशकों की रुचि अधिक रहने की संभावना है। वहीं मिक्स उपयोग वाले भूखंड छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए लाभदायक विकल्प साबित हो सकते हैं। प्राधिकरण ने इच्छुक निवेशकों, उद्यमियों और आम नागरिकों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से सभी भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। जीडीए को उम्मीद है कि इस मेगा नीलामी से न केवल प्राधिकरण के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि शहर के नियोजित विकास, औद्योगिक विस्तार और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।