-50 हेक्टेयर भूमि पर शुरू होगी महत्वाकांक्षी योजना, डीपीआर और ले-आउट तैयार करने के लिए सलाहकार एजेंसी का चयन
-521 हेक्टेयर में तीन चरणों में विकसित होगी आधुनिक टाउनशिप, आवासीय, समूह आवास और व्यावसायिक भूखंडों की होगी व्यवस्था
-भूमि खरीद पर 1200 करोड़ रुपये होंगे खर्च, किसानों की सहमति से तेजी से आगे बढ़ रही अधिग्रहण प्रक्रिया
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना अब धरातल पर उतरने की ओर तेजी से बढ़ रही है। यदि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय के अनुसार पूरी हो गईं, तो इस आधुनिक टाउनशिप का पहला चरण आगामी अक्टूबर या नवंबर में लॉन्च कर दिया जाएगा। पहले चरण में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर योजना विकसित की जाएगी। इसके लिए किसानों की सहमति से भूमि खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और ले-आउट तैयार करने के लिए सलाहकार एजेंसी का भी चयन कर लिया गया है। जीडीए अधिकारियों के अनुसार राजनगर एक्सटेंशन के निकट विकसित होने वाली हरनंदीपुरम टाउनशिप शहर के विस्तार की सबसे बड़ी योजनाओं में शामिल होगी। यह पूरी योजना 521 हेक्टेयर भूमि पर तीन चरणों में विकसित की जाएगी। टाउनशिप के लिए आठ गांवों के किसानों से सहमति के आधार पर भूमि खरीदी जा रही है। पहले चरण में मथुरापुर, शाहपुर निज मोरटा सहित चार गांवों की लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य शुरू किया जाएगा।
जीडीए ने योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और ले-आउट तैयार करने के लिए डीसी कुमार नामक सलाहकार एजेंसी का चयन किया है। अधिकारियों के अनुसार एजेंसी के प्रस्तुतीकरण से जीडीए संतुष्ट है और अब वह एक से दो माह के भीतर डीपीआर तैयार कर प्राधिकरण को सौंपेगी। इसके बाद अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट का परीक्षण किया जाएगा। यदि रिपोर्ट सभी मानकों पर खरी उतरी तो उसी के आधार पर विस्तृत ले-आउट तैयार कराया जाएगा। आवश्यकता पडऩे पर सुझावों के अनुसार संशोधन भी कराया जाएगा। हरनंदीपुरम योजना को आधुनिक शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। योजना में विभिन्न आकार के लगभग 250 आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे। इनमें 40, 60, 90, 100 और 120 वर्गमीटर तक के भूखंड शामिल होंगे। इसके अलावा समूह आवास परियोजनाएं, व्यावसायिक परिसर, हरित क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सुविधाएं तथा सार्वजनिक उपयोग की अन्य व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी। पूरी टाउनशिप को अलग-अलग पॉकेट में विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक क्षेत्र में नागरिकों को सभी मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्र ने बताया कि पहले चरण के लिए आवश्यक लगभग 50 हेक्टेयर भूमि का बैनामा शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इससे पहले भी लगभग 55 हेक्टेयर भूमि किसानों की सहमति से प्राधिकरण के नाम दर्ज कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ बेहतर समन्वय के चलते भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और प्राधिकरण समयबद्ध तरीके से योजना को शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है। भूमि खरीद के लिए जीडीए ने बड़े स्तर पर वित्तीय तैयारी भी की है। अधिकारियों के अनुसार योजना के लिए भूमि खरीद पर लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 400 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि शेष 800 करोड़ रुपये जीडीए अपने संसाधनों से खर्च करेगा। आगामी वित्तीय वर्ष में भी योजना के अगले चरणों के लिए शासन से अतिरिक्त बजट मिलने की संभावना है। योजना की डीपीआर में आधुनिक जल निकासी व्यवस्था, चौड़ी सड़कें, यातायात प्रबंधन, हरित पट्टियां, पार्क, सामुदायिक सुविधाएं, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, व्यावसायिक क्षेत्र और समूह आवास परियोजनाओं का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा।
जीडीए का उद्देश्य हरनंदीपुरम को एक ऐसी आधुनिक, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर टाउनशिप के रूप में विकसित करना है, जहां नागरिकों को आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन जैसी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद के शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले चरण की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं और यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं तो अक्टूबर या नवंबर में योजना का शुभारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में गाजियाबाद की पहचान बदलने वाली सबसे महत्वपूर्ण आवासीय योजनाओं में शामिल होगी और हजारों परिवारों को आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

जीडीए सचिव
हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद के नियोजित और भविष्य उन्मुख विकास की महत्वपूर्ण परियोजना है। हमारा प्रयास है कि इस टाउनशिप को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए, ताकि यहां बसने वाले लोगों को आवास, सड़क, जल निकासी, हरित क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यावसायिक गतिविधियों जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें। पहले चरण के लिए भूमि क्रय और तकनीकी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। जीडीए पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से इस परियोजना को आगे बढ़ा रहा है। हमें विश्वास है कि हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद के सुनियोजित विस्तार का नया मानक स्थापित करेगी और शहर के विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
-विवेक कुमार मिश्र
जीडीए सचिव















