• 1857 की क्रांति की पुण्यभूमि पर देशभक्ति की ऐतिहासिक हुंकार, गाजियाबाद बनी राष्ट्रप्रेम का जीवंत चित्र
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। 10 मई 1857 के ऐतिहासिक दिन पर गाजियाबाद की पावन भूमि ने एक बार फिर शनिवार को देशभक्ति का स्वर्णिम इतिहास रच दिया। भारत माता सांस्कृतिक संस्थान के संयोजन में और ऑपरेशन सिंदूर के तत्वावधान में एक भव्य तिरंगा शौर्य यात्रा का आयोजन हुआ, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना के सम्मान को समर्पित था। यह आयोजन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना, बलिदान और शौर्य की जन-ज्वाला बन गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ठाकुरद्वारा मंदिर में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ हुआ, जिसमें भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने अपने ओजपूर्ण संबोधन में कहा कि 1857 का यह दिन स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी नहीं, बल्कि एक अखंड राष्ट्र की चेतना का प्रादुर्भाव है।
उन्होंने इस यात्रा को आज की पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाने वाला संकल्प बताया। यात्रा में 1 किलोमीटर लंबा तिरंगा पूरे मार्ग पर लहराता रहा और सैकड़ों देशभक्ति नारों व कटआउट्स के साथ पूरा शहर तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया। कर्नल सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह जैसी सैन्य विभूतियों के पोस्टरों ने युवाओं में नया जोश भर दिया। भारत माता का भव्य चित्र खुले वाहन पर विराजमान था, जिस पर पुष्पवर्षा करती 5 जेसीबी मशीनों ने दृश्य को अविस्मरणीय बना दिया। दुर्गा भाभी चौक पर महिलाओं ने झांसी की रानी और जीजाबाई के रूप में वीरांगना स्वरूप में स्वागत किया, जबकि बाल गोपाल सैनिक वेश में आकर्षण का केंद्र रहे।
मुख्य संयोजक एवं महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कहा कि 1857 से आज तक तिरंगा हमारे आत्मसम्मान और बलिदान का प्रतीक रहा है। यह यात्रा न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि है, बल्कि सेना के साहस और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के प्रति हमारी आस्था का सशक्त संदेश है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने इसे युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्रहित में जोडऩे वाला बताया, जबकि राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इसे सेना और नेतृत्व के प्रति जनभावना का अद्वितीय उदाहरण करार दिया। विधायक संजीव शर्मा ने इसे राष्ट्रीय चेतना का दर्पण कहा, और विधायक अजीत पाल त्यागी ने गाजियाबाद की एकता को राष्ट्र निर्माण की मिसाल बताया।
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि हर वर्ग की सहभागिता ने इस आयोजन को गौरवशाली बना दिया। एमएलसी दिनेश गोयल और पूर्व मंत्री सांसद अतुल गर्ग ने इसे भारत माता के सम्मान की जीवंत तस्वीर कहा। सरदार एसपी सिंह ने इसे धर्म-संप्रदाय की सीमाओं से परे उठकर राष्ट्र के लिए एकता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। इस अवसर पर 25 से अधिक स्वागत केंद्रों ने पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ यात्रा का स्वागत किया। विभिन्न संगठनों जैसे महाराजा अग्रसेन समिति, ऑल इंडिया मुस्लिम संघ, डॉ. अंबेडकर समिति, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, नारी शक्ति मंच आदि ने अनेकता में एकता का संदेश साकार किया।
समापन सेठ मुकुंद लाल स्कूल में हुआ, जहां 4000 से अधिक नागरिकों के लिए भव्य बैठक व्यवस्था, तिरंगा सजावट और राष्ट्रगान की गूंज ने आयोजन को शिखर तक पहुंचाया। धर्मपाल सिंह ने शहीद सैनिकों के परिजनों का शॉल उड़ाकर सम्मान किया। राष्ट्रकवि मोहित शौर्य ने ओजपूर्ण काव्य पाठ किया और रॉक बैंड के गीतों ने युवाओं में देशभक्ति की ऊर्जा भर दी। आयोजन का समापन सामूहिक भारत माता की महाआरती और हजारों नागरिकों द्वारा ली गई राष्ट्रसेवा की शपथ के साथ हुआ। हम भारत की सेना और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का अंतिम साँस तक साथ देंगे। यह आयोजन गाजियाबाद के नागरिकों के मन में राष्ट्रप्रेम, एकता और गौरव की अमिट छाप छोड़ गया, एक ऐसा संदेश, जो आने वाली पीढिय़ों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।




















