-जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की सक्रिय पहल, करोड़ों की लागत से होगा निर्माण
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब शहर को जाम से राहत दिलाने और सुनियोजित विकास को गति देने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है। वर्षों से लंबित पड़ी बंधा रोड को नूरनगर से जोडऩे वाली चौड़ी सड़क परियोजना को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अथक कोशिशों और प्रशासनिक दृढ़ता के चलते किसानों की सहमति से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे अब 18 मीटर और 24 मीटर चौड़ी दो मुख्य सड़कों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इस परियोजना के तहत अब तक चार किसानों ने लगभग 2500 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा जीडीए के पक्ष में कर दिया है। इस सहमति के तहत लगभग 7.50 करोड़ रुपये का मुआवजा जीडीए द्वारा किसानों को शुक्रवार को चेक के रूप में सौंपा गया। जीडीए द्वारा पारदर्शिता और सम्मानजनक संवाद के आधार पर किसानों से समझौता किया गया, जिसके तहत भूमि की कीमत वर्तमान सर्किल रेट से दोगुनी दर पर दी गई है। पहले विरोध कर रहे किसान अब खुद आगे आकर विकास कार्य में भागीदारी निभा रहे हैं। पूर्व में किसानों के विरोध और अतिक्रमण के चलते इस सड़क का निर्माण कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा था।
लेकिन जीडीए की योजना के अनुसार, इस प्रोजेक्ट पर कुल 42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 32 करोड़ रुपये सिर्फ मुआवजे के तौर पर निर्धारित हैं। जीडीए की भू-अर्जन शाखा और अभियंत्रण विभाग ने टोटल स्टेशन सर्वे और चिन्हांकन प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही, बरसात के बीच प्राथमिक स्तर पर मिट्टी भराई का कार्य कराया जा रहा है ताकि वर्षा समाप्त होते ही सड़क की काली पक्की लेयर का कार्य तेज़ी से किया जा सके। यह सड़क न केवल बंधा रोड और नूरनगर को जोड़ेगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों को यातायात की बेहतरीन सुविधा प्रदान करेगी। साथ ही आसपास के इलाकों के सुनियोजित विकास को भी रफ्तार मिलेगी। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स का कहना है कि यह सड़क जीडीए की विकास योजनाओं की रीढ़ साबित होगी, क्योंकि इससे आवागमन आसान होगा, भूमि विकास को बढ़ावा मिलेगा और जीडीए को राजस्व प्राप्त होगा।
यह राजस्व हम-तुम रोड, प्रस्तावित पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय रोड और सिकरोड़ मार्ग जैसे अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण में उपयोग किया जाएगा। गाजियाबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में यह परियोजना एक बड़ा और निर्णायक कदम है, जो आने वाले समय में न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि शहर की रफ्तार को भी एक नई दिशा देगा। जीडीए की इस पहल से यह स्पष्ट हो गया है कि अब विकास को रोका नहीं जा सकता और सहमति, संवाद तथा स्थायित्व के साथ शहर को एक आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।
सहमति से अधिग्रहण की नई मिसाल
किसानों के विरोध के चलते यह परियोजना वर्षों से रुकी हुई थी। लेकिन पूर्व जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह तय हुआ कि किसानों की जमीन का अधिग्रहण सर्किल रेट से दोगुने मूल्य पर सहमति से किया जाएगा। इस सहमति ने सड़क निर्माण को धरातल पर उतारने का रास्ता साफ कर दिया।
सर्वे और पिलरिंग का कार्य पूरा, जल्द ही निर्माण कार्य का आगाज़
जीडीए की भू-अर्जन और अभियंत्रण शाखा ने टोटल स्टेशन सर्वे के ज़रिए भूमि चिन्हांकन और पिलरिंग का कार्य पूरा कर लिया है। इससे अब निर्माण के पहले चरण में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा नहीं रहेगी।

जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी)
यह सड़क न सिर्फ यातायात सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि नूरनगर व आस-पास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास को भी नई दिशा देगी। इससे जीडीए को राजस्व प्राप्त होगा, जिसका उपयोग अन्य सड़कों जैसे हम-तुम रोड, पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय रोड, सिकरोड़ मार्ग इत्यादि के निर्माण में किया जाएगा।
अतुल वत्स
जीडीए उपाध्यक्ष

















