गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की योजनाओं में अधिग्रहण भूमि से लेकर प्लॉट व अन्य संपत्तियों की खोज करने के लिए अभियान तेज होगा। जिलाधिकारी एवं जीडीए उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने इस संबंध में भू-अर्जन विभाग को योजनाओं में रिक्त भूमि व प्लॉट आदि संपत्तियों की तलाश करने के लिए योजनावार खोज करने के निर्देश दिए है। जीडीए ओएसडी एवं भू-अर्जन प्रभारी सुशील कुमार चौबे ने बताया कि जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर अब सभी योजनाओं में अधिग्रहण की गई भूमि व भूखंड आदि संपत्तियों की खोज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जमीन की तलाश की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जीडीए द्वारा शहर में 29 योजनाएं विकसित की गई है। इनमें इंदिरापुरम, कौशांबी, वैशाली से लेकर राजेंद्रनगर, कोयल एंक्लेव, इंद्रप्रस्थ, स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम, गोविंदपुरम, शास्त्रीनगर, सेक्टर-23 संजयनगर, प्रताप विहार, विजयनगर आदि योजनाएं शामिल हैं। इनमें अनियोजित भूमि की तलाश की जाएगी। यानि कि योजनाओं के लिए अधिगृहित की गई जमीन के बाद जहां पर रिक्त जमीन पड़ी हुई है। उसकी खोज की जाएगी। इसके साथ ही नियोजित भूमि,प्लॉट व अन्य संपत्तियों की खोज भी की जाएगी।
ओएसडी ने बताया कि स्वर्णजयंतीपुरम में 19 भूखंडों की जमीन मिल चुकी हैं। इसी प्रकार अन्य योजनाओं मेें भी भूखंड व खाली पड़ी जमीन की खोज की जा रही है। इन जमीन व भूखंड को खोजने के बाद इन्हें नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी में इन संपत्तियोंं को बेचने के बाद जीडीए कोष में करोड़ों रुपए का राजस्व जमा हो सकेगा।उन्होंने बताया कि योजनावार जमीन और भूखंडों की खोज की जा रही है। जिन योजनाओं में रिक्त जमीन व भूखंड मिलेंगे। उन्हें बेचने के लिए नीलामी में रखा जाएगा। बाकी रिक्त जमीन की पैमाईश कराने के बाद उस प्लॉट बनाकर बेचने की प्लानिंग की जा सकेगी।
















