खादी का ज्यादा से ज्यादा प्रदेश में उत्पादन के लिए प्रयासरत सरकार: राकेश सचान

-कैबिनेट मंत्री ने बैठक कर लाभार्थियों को प्रदान की किट
-प्रदेश सरकार की प्राथमिकता किसी भी उपभोक्ता को ना मिले मिलावटी सामान

गाजियाबाद। प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, खादी ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथ करघा और वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश में खादी का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन हो। इसके लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत में 75 प्रतिशत निर्यात एमएसएमई का है। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री माटी कला जागरूकता कार्यक्रम एवं खादी ग्रामोंद्योग की समीक्षा करने के लिए जनपद में पहुंचे थे। उन्होंने विकास भवन स्थित सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद लाभार्थियों को किट भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि खादी सभी उपभोक्ताओं के  लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ हैं। किसी भी उपभोक्ता को मिलावटी सामान न मिले।कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को इससे पूर्व पुलिस कर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर किया। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं गुलदस्ता और चरखा भेंट कर उनका स्वागत किया।

उन्होंने जिलाधिकारी से जन प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं विकास कार्यों की जानकारी ली।जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह को विभाग द्वारा जिले में कराए  गए ये प्रगति कार्यों, संचालित योजनाओं सहित सरकार द्वारा लाभार्थियों को मिले लाभों की जानकारी दी।उन्होंने कार्य के प्रगति में आने वाली बांधाओं के निस्तारण सहित बजट बढ़ाने का भी अनुरोध किया। कैबिनेट मंत्री ने खादी सहित अन्य विभागों की प्रगति रिपोर्ट से संतुष्ट हुए।

उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए कार्य चल रहा है। जल्द ही आप लोगों को रूई आदि कच्चा माल आपकी डिमांड के अनुसार प्राप्त होगा। प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है कि किसी भी उपभोक्ता को मिलावटी सामान ना मिले। इसके लिए सरकार ने कुछ नियमों में बदलाव किए है जो जरूरी थे। प्रदेश सरकार हर व्यक्ति के विकास के संकल्पबद्व है। पिछली बार इस विभाग को 400 करोड़ का बजट मिला था जिसमें बजट की और अधिक जरूरत के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 300 करोड़ बढ़ाकर 700 करोड़ कर दिया गया था। समस्याओं के निस्तारण के लिए लखनऊ में मुख्यमंत्री के विभाग की समीक्षा बैठक है। जिसमें हम इन समस्याओं को रखेंगे और हमे विश्वास है कि आपकी समस्याओं का निस्तारण हो जाएगा।

उन्होने कहा कि सर्वे के अनुसार 100 प्रतिशत में से 75 प्रतिशत निर्यात एमएसएमई का है जो कि गर्व की बात है।बैठक में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने आयुष्मान कार्ड से सम्बंधित समस्या के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान कार्ड वर्ष- 2011 में हुई जनगणना में मिली जानकारी के अनुसार बनाए गए हैं। जनगणना में जिन लोगों की सही जानकारी थी उनके ही आयुष्मान कार्ड बने है और जिनकी जानकारी गलत थीे उनके कार्ड नहीं बने हैं। जिनके कार्ड गलत जानकारी देने से बने है उनके कार्ड निरस्त किए जा रहे है। जल्द ही सर्वे होने के बाद भविष्य में आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि एमएसएमई द्वारा निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई। कहा कि लाभार्थी एमएसएमई में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगाए। जो उद्योग लगाए उसमें माल की अच्छी गुणवत्ता होने चाहिए। आज खादी सभी उपभोक्ताओं के लिए आकर्षण बना हुआ है। आप लोग अपने कार्यों को ईमानदारी से करते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लें।इस दौरान परियोजना निदेशक पीएन दीक्षित,जिला विकास अधिकारी राम उदरेज,खादी एवं ग्रामोद्योग निदेशक प्रवीण कुमार, सहायक आयुक्त उद्योग जिला उद्योग केन्द्र श्रीनाथ पासवान, जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह आदि जनपद की लगभग 90 खादी संस्थाओं के अध्यक्ष,शासन द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक एवं प्रशिक्षण योजनाओं के लाभार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने अंत में कैबिनेट मंत्री का आश्वस्त किया कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक एवं प्रशिक्षण योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ दिलााय जाएगा।