-कड़कड़ाती ठंड में रैन बसेरों में सुरक्षा, स्वच्छता और पर्याप्त सुविधाओं का जायजा लिया; नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकनपुर में भी औचक निरीक्षण
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कड़कड़ाती ठंड के बीच निराश्रित लोगों के लिए रैन बसेरों में सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को एडीएम प्रशासन ज्योति मौर्य ने खोड़ा क्षेत्र में बनाए गए रैन बसेरे का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकनपुर के अधिशासी अधिकारी अभिषेक कुमार को रैन बसेरे में सुरक्षा, स्वच्छता और पर्याप्त सुविधाओं के प्रावधान को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एडीएम ने न केवल रैन बसेरे का निरीक्षण किया बल्कि नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकनपुर कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय में साफ-सफाई, आउटसोर्स कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर और ऑनलाइन वेतन भुगतान से संबंधित पत्रावली की जांच की। इसके अलावा नगर पालिका क्षेत्र में जारी किए जाने वाले जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों के निस्तारण की स्थिति का भी विस्तृत रूप से अवलोकन किया।
ज्योति मौर्य ने विशेष रूप से लोकप्रिय विहार में बनाए गए अस्थाई रैन बसेरे का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि ठंड के इस मौसम में सभी आश्रितों को गर्म और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने रैन बसेरे में अलाव, बिस्तर, कंबल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जांच की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी तरह की कमी नहीं रहे। साथ ही एडीएम ने नगर पालिका क्षेत्र में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के स्थल का निरीक्षण किया और मौके पर जल निगम के अधिशासी अभियंता अरूण प्रताप तथा नगर पालिका परिषद खोड़ा के अवर अभियंता नवनीत गुप्ता को इस परियोजना को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
एडीएम प्रशासन ने कहा कि रैन बसेरे केवल आश्रितों के ठहरने के लिए ही नहीं, बल्कि उन्हें गरम भोजन, गर्म पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी कार्य करेंगे। उनका मानना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण से अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ेगी और नगर पालिका परिषद की योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर और प्रभावी ढंग से होगा। ज्योति मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएँ ताकि नागरिकों और निराश्रितों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलती रहें। उन्होंने कहा कि ठंड से प्रभावित होने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक आवश्यक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
















