जनसुनवाई में दिखा जिलाधिकारी का मानवता और प्रशासनिक सख्ती का संगम: नागरिकों को मिला समस्याओं का तुरंत समाधान

  • समय पर और निष्पक्ष समाधान ही प्राथमिकता, लिखित शिकायतों से सुनिश्चित होगा न्याय: रविन्द्र कुमार मॉंदड़
  • गरीब किसान को राहत, महिला की जमीन विवाद में न्याय दिलाने के निर्देश
  • किसानों और आमजन की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई, प्रशासन का जनता के प्रति संवेदनशील रुख

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, इसी सोच के साथ जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में आम नागरिक, किसान एवं पीड़ित फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिन्हें जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित व प्रभावी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी का मानवीय चेहरा उस समय सामने आया, जब एक गरीब किसान ने आर्थिक तंगी के कारण अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान न कर पाने की पीड़ा व्यक्त की। किसान की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने न केवल उसकी समस्या को गंभीरता से सुना, बल्कि मानवता का परिचय देते हुए अपनी ओर से 5100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की, ताकि किसान को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और नागरिकों से भी अपील की कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए सभी को आगे आना चाहिए और समाज में सहयोग व संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए।

जनसुनवाई के दौरान एक महिला फरियादी शशि त्यागी ने भी जिलाधिकारी के समक्ष अपनी व्यथा रखी। महिला ने बताया कि पति और पुत्र की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष द्वारा पैतृक बंटवारे की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है और उन्हें उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम लोनी को तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीडि़ता को शीघ्र न्याय मिल सके और उसे उसके वैधानिक अधिकार प्राप्त हों। इसके अतिरिक्त जनसुनवाई में बड़ी संख्या में किसानों ने भी भाग लिया और बिजली, राजस्व, भूमि विवाद, सिंचाई एवं अन्य विभागों से संबंधित समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।

जिलाधिकारी ने किसानों की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। कई मामलों का तत्काल समाधान कराते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को जमीनी स्तर पर हल करने का माध्यम है। जनसुनवाई के अंत में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास होना चाहिए कि प्रशासन उसके साथ खड़ा है। यदि किसी भी नागरिक को कोई समस्या हो तो वह लिखित शिकायत के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराए, ताकि उसका विधिसम्मत, निष्पक्ष और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, प्रशिक्षु आईएएस अयान जैन, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।