-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अगुवाई में युद्धस्तर पर चल रही व्यवस्थाएं, श्रद्धालुओं को मिलेगा आस्था और सुविधा का अद्वितीय संगम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन का पावन महीना जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, गाजियाबाद नगर निगम की सक्रियता दिन-रात बढ़ती जा रही है। कांवड़ यात्रा जिसे उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है और सावन के सोमवार को लेकर नगर निगम द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं इस वर्ष एक अलग ही मिसाल पेश करने जा रही हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में निगम का पूरा तंत्र श्रद्धालुओं की सेवा में समर्पित हो चुका है। गुरुवार को नगर आयुक्त ने निगम कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक कर सभी विभागों को निर्देश दिए कि इस धार्मिक आयोजन को केवल एक प्रशासनिक दायित्व न मानें, बल्कि इसे जनता की आस्था और विश्वास से जोड़कर देखें। उन्होंने कहा कि यह वह अवसर है जब शासन और धर्म का संगम जनता को विश्वास और व्यवस्था दोनों देता है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर श्रद्धालु को सम्मान, सुविधा और सुरक्षा मिले।
नगर निगम के निर्माण, स्वच्छता, जल आपूर्ति, प्रकाश, स्वास्थ्य और उद्यान विभागों के अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना के तहत तैनात किया गया है। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र को पूरे कांवड़ मार्ग की निगरानी और कार्यों की समीक्षा का नोडल प्रभारी बनाया गया है। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी कार्य शिथिलता या विलंब का शिकार नहीं होना चाहिए। बैठक में मौजूद अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, मुख्य अभियंता नरेंद्र चौधरी, जल महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, प्रकाश प्रभारी एसपी मिश्रा, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी। नगर निगम द्वारा दूधेश्वरनाथ मठ से लेकर जस्सीपुरा मोड़ तक की बैरिकेडिंग का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है।
यह मार्ग न केवल गाजियाबाद की आस्था का केंद्र है, बल्कि प्रतिवर्ष लाखों कांवडि़ए यहीं से गुजरते हैं। नगर निगम इस बार रूट की प्लानिंग, ट्रैफिक डाइवर्जन, स्वास्थ्य शिविर, रात्रि विश्राम स्थल, और पेयजल व्यवस्था को इस प्रकार सुव्यवस्थित कर रहा है, कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रमुख शिवालयों-जैसे दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर, श्री हरि मंदिर, पंचमुखी महादेव मंदिर आदि पर विशेष ध्यान देते हुए सावन के सोमवार के लिए भी अलग से प्लानिंग की जा रही है। नगर आयुक्त ने कहा कि श्रद्धालु जब मंदिर में पहुंचे, तो उन्हें लगे कि वे किसी तीर्थ क्षेत्र में आए हैं। साफ-सफाई, शौचालय, मोबाइल डिस्पेंसरी, प्राथमिक चिकित्सा किट, मच्छर नियंत्रण, हरियाली, ध्वनि नियंत्रण, साइन बोर्ड हर एक पहलू पर काम शुरू हो चुका है। नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को न केवल जिम्मेदारी, बल्कि ‘सेवा’ का भाव लेकर काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब आप व्यवस्था करें, तो उस श्रद्धालु की आँखों में भगवान का दर्शन करें। तभी व्यवस्था, व्यवस्था नहीं, सेवा बन जाएगी। नगर निगम जनप्रतिनिधियों, स्थानीय संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर इस आयोजन को जन-सहभागिता का मॉडल बनाना चाहता है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कांवड़ मार्ग पर हर दो किलोमीटर पर एक सहायक शिविर, जल व्यवस्था और मेडिकल सहायता उपलब्ध हो। नगर निगम की यह मुहिम न केवल एक धार्मिक आयोजन की तैयारी है, बल्कि यह शहर की जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सेवा-भाव का जीवंत उदाहरण बन रही है। जब करोड़ों श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में संलग्न हों, तो गाजियाबाद शहर उन्हें न केवल सुरक्षा और सुविधा दे, बल्कि यह एहसास भी दे कि यह नगर उनके स्वागत में स्वयं शिवधाम बन चुका है।

नगर आयुक्त
कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। गाजियाबाद नगर निगम की पूरी टीम इस आयोजन को सफल, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो चाहे वह रास्ता हो, स्वास्थ्य सुविधा हो, प्रकाश व्यवस्था या स्वच्छता। मैंने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह कार्य केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी न रहे, बल्कि इसे सेवा भाव से किया जाए। हम सबकी ड्यूटी है कि हर श्रद्धालु को लगे कि गाजियाबाद ने उनका स्वागत हृदय से किया है। सभी शिवालयों पर सावन सोमवार के विशेष आयोजन को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। हम जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहते हैं कि जब प्रशासन और समाज साथ मिलते हैं, तो हर आयोजन सफल बनता है। नगर निगम के हर अधिकारी और कर्मचारी को यह ध्यान में रखना है कि सेवा का यह अवसर दुर्लभ है, और हमें इसे पूर्ण समर्पण से निभाना है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

















