अग्निपथ योजना : युवाओं में आक्रोश, बेचैन सरकार और आग में घी डाल रहा विपक्ष

नई दिल्ली। अग्निपथ योजना पर देशभर में बवाल मचा है। केंद्र सरकार के खिलाफ विभिन्न राज्यों में युवाओं का आक्रोश देखने को मिल रहा है। यातायात जाम, तोड़-फोड़, आगजनी जैसी घटनाएं प्रतिदिन प्रकाश में आ रही हैं। आक्रोश की इस आग को शांत कराने की बजाए विपक्ष का रवैया घी डालने जैसा है। विपक्षी दलों के नेता आक्रामक एवं भड़काऊ बयानबाजी कर युवाओं को आंदोलन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे शांति एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने में परेशानी पैदा हो रही है। अग्निपथ योजना पर भड़के युवाओं को धैर्य से काम लेना चाहिए।

लोकतंत्र में हर किसी को असहमति जताने का अधिकार है, मगर इसका मतलब यह नहीं कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किया जाए। सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाए। भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास रहा है। सेना में अनुशासन का विशेष महत्व होता है। सेना में भर्ती की तैयारी में जुटे युवाओं को भी अनुशासन के महत्व के बारे में सोचना चाहिए। सड़कों पर उत्पात मचाकर वह अपने लिए खुद मुसीबतें पैदा कर रहे हैं। बवाल मचाने पर जिन-जिन युवाओं के खिलाफ पुलिस में संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है, उनका कैरियर शुरू होने से पहले चौपट हो रहा है।

उधर, अग्निपथ योजना पर बढ़ते विरोध को देखकर केंद्र सरकार भी दबाव महसूस करने लगी है। सरकार कोई बीच का रास्ता निकालने पर काम करती नजर आ रही है। जिस अग्निपथ योजना को लेकर पूरे देश में बवाल मचा है, उसके बारे में जानना भी जरूरी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जून को अग्निपथ योजना आरंभ करने का ऐलान किया था। इस योजना में 4 साल के लिए सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती की जाएगी। योजना के अंतर्गत चयनित युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा। इस साल लगभग 46 हजार युवाओं को सशस्त्र बलों में सम्मिलित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ योजना को काफी सकारात्मक पहल बताया है।

उनका कहना है कि इससे युवाओं को सेना में भर्ती होने का अवसर मिलेगा। राष्ट्र की सुरक्षा मजबूत होगी। उधर, अग्निपथ योजना के भारी विरोध के बावजूद सेना ने अग्निवीरों की भर्ती शुरू करने की तैयारी कर दी है। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे का कहना है कि अगले 2 दिन में इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। भारतीय सेना की वेबसाइट पर यह नोटिफिकेशन जारी होगा। सेना प्रमुख पांडे ने कहा है कि इस साल दिसंबर तक सेना को पहला अग्निवीर मिल जाएगा। इसके अलावा अगले साल के मध्य तक तीनों सेनाओं में इनकी ऑपरेशन और नॉन-ऑपरेशन तैनाती भी कर दी जाएगी।

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सेनाओं की तरफ से पंजीकरण, भर्ती दौड़ इत्यादि का शेड्यूल जारी किया जाएगा। अग्निवीरों के पहले बैच का प्रशिक्षण इस साल के अंत तक आरंभ हो जाएगी। आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे ने कहा कि युवाओं को अग्निपथ योजना की संपूर्ण जानकारी नहीं है, इसलिए वह विरोध कर रहे हैं। वहीं, अग्निपथ योजना के विरोध पर उतारू युवाओं का कहना है कि वह कई साल तक काफी मेहनत-मशक्कत कर सेना में भर्ती होने की तैयारी करते हैं। ऐसे में 4 साल की नौकरी उन्हें मंजूर नहीं है। आंदोलनकारियों ने सरकार से इस योजना को तत्काल वापस लेने की अपील की है।