-सोशल चौकीदार के संस्थापक ने की राम भक्तों से अपील
गाजियाबाद। अयोध्या धाम से आए निमंत्रण रूपी पवित्र अक्षतों को पूरे देश मेंं घर-घर तक पहुंचाने का अभियान शुरु हो चुका है। भगवान श्रीराम का चित्र, संपर्क पत्रों के साथ राम भक्त भी घर-घर जाकर राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के निमंत्रण देकर अभियान का श्री गणेश कर रहे है। 570 वर्ष के संघर्ष के बाद भगवान श्रीराम का मंदिर बनने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है। राम लला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होनी है और लोग उस दिन सभी दिवाली मनाएं। उक्त बातें शुक्रवार को सोशल चौकीदार के संस्थापक केके शर्मा ने कहीं। उन्होंने कहा जैसा कि सभी हिन्दू जानते हैं कि दीपावली का त्यौहार इसलिए बनाया जाता है कि भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस आए थे। लेकिन 22 जनवरी को तो भगवान राम 570 साल के बाद फिर से वापस आ रहे हैं, तो क्या हिंदुओं को द्वितीय दीपावली मनाने की परंपरा शुरू करनी चाहिए। त्रेता युग में भगवान श्री राम ने अत्याचारियों, अनाचारियों से धरती को मुक्त करने के लिए अवतार लिया था।
राक्षसों का अंत किया था। इस 14 वर्ष के वनवास में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने स्वयं युद्ध किया था, लेकिन इन 570 वर्ष के वनवास से वापस लाने के लिए राम भक्तों ने युद्ध लड़े थे। चाहे वह बाबर से लड़ाई लड़ीं, औरंगजेब से लड़ाई लड़ीं या फिर अयोध्या के अंदर 1992 में पुलिस की गोली से लोग मारे गए। लेकिन लड़ाईयों में जिन्होंने प्राण गंवाए या यातनाए सही, जेल गए वे राम भक्त हैं। चाहे कोठारी बंधु, अजय रस्तोगी, वेद प्रकाश राजपाल, सुधीर नाग, शिव कारण सिंह, याफिर आडवाणी , कल्याण सिंह, महंत अवैद्यनाथ, अशोक सिंघल हो या फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों और फिर इन सब का साथ देने वाले भारत के सनातनी हिंदू हों। इन सब की तपस्या से भगवान राम 570 साल बाद फिर वापस आ रहे हैं। उनकी प्राण प्रतिष्ठा उनके जन्मस्थान पर एक भव्य मंदिर में हो रही है। उन्होंने कहा जब श्री राम अवतरित हुए थे, तब भी उद्देश्य सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना थी और अब इतने बड़े संघर्ष के बाद राम मंदिर की स्थापना भी सनातन की पुनर्स्थापना है। क्योंकि पिछले 500 वर्षों में सनातन को समाप्त करने के बहुत प्रयास किए गए और अभी भी चल रहे हैं। इसलिए सभी सनातनी हिंदुओं से अनुरोध है कि दीपावली तो मनाए ही पर 22 जनवरी को भारत में अब से दो दीपावली मनाना चाहिए।
















