कैंसर से लड़ाई में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार, एमएमजी अस्पताल में चला जनजागरूकता अभियान

  • विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताए कैंसर के शुरुआती लक्षण, समय पर जांच को बताया जीवन रक्षक
  • एनसीडी अधिकारी डॉ. पवन कुमारी की पहल पर आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मियों को किया जागरुक
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बाहर की चीजों के खानपान को कम करने की दी सलाह

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को एमएमजी जिला अस्पताल में व्यापक कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल प्रशासन, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लेते हुए कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की। धूम्रपान, असंतुलित आहार और अनियमित जीवनशैली कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों को कैंसर से बचाव, समय पर निदान और उपचार के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का आयोजन एनसीडी चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवन कुमारी की विशेष पहल पर किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम का संचालन करते हुए कैंसर रोकथाम को जनस्वास्थ्य की प्राथमिक आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि आज बदलती जीवनशैली, तनाव, प्रदूषण और असंतुलित खानपान के कारण कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में लोगों को अपनी दिनचर्या में सुधार लाना बेहद आवश्यक है। डॉ. पवन कुमारी ने विशेष रूप से लोगों को सलाह देते हुए कहा कि बाहर की चीजों के खानपान को कम करें, ताजा और संतुलित भोजन को प्राथमिकता दें तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।

उन्होंने कहा कि जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और तंबाकू उत्पाद कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि कैंसर अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि युवा वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मरीज समय रहते जांच करवा ले तो उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की। एसीएमओ डॉ. चरण सिंह ने कहा कि समाज में अभी भी कैंसर को लेकर डर और भ्रांतियां मौजूद हैं। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच जाती है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि वे घर-घर जाकर लोगों को कैंसर के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दें।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता रेडियोलॉजी ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. राशि अग्रवाल ने कैंसर के प्रकार, कारण और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, मुंह का कैंसर और फेफड़ों का कैंसर भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित स्क्रीनिंग, स्वयं जांच और डॉक्टर से समय पर परामर्श जीवन बचा सकता है। डॉ. राशि अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि धूम्रपान, तंबाकू सेवन, शराब और अस्वस्थ खानपान से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक तनाव से दूर रहना कैंसर से बचाव के प्रभावी उपाय हैं। डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि जिला अस्पताल में कैंसर स्क्रीनिंग सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक मरीजों की शुरुआती पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इलाज के साथ-साथ रोकथाम पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है।

डॉ. संतराम वर्मा ने कहा कि कैंसर मरीजों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी उतना ही जरूरी है जितना चिकित्सा उपचार। परिवार और समाज का सहयोग मरीज के उपचार में सकारात्मक प्रभाव डालता है। डॉ. ए.के. विश्वकर्मा ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी देते हुए कहा कि आज कैंसर के इलाज में नई तकनीकों ने सफलता दर को काफी बढ़ाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। कार्यक्रम की प्रमुख आयोजक डॉ. पवन कुमारी ने कहा कि एनसीडी कार्यक्रम के तहत कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप सहित गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में कैंसर जागरूकता अभियान को और तेज किया जाए ताकि प्रत्येक व्यक्ति तक सही जानकारी पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को कैंसर की शुरुआती पहचान, मरीज परामर्श और रेफरल प्रणाली से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया।

सभी चिकित्सकों ने एक स्वर में संदेश दिया कि कैंसर लाइलाज नहीं है, बल्कि जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली, नियमित जांच और समय पर उपचार से इसे हराया जा सकता है। अंत में सभी डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने समाज में कैंसर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सीएमएस डॉ. राकेश कुमार, एसीएमओ डॉ. चरण सिंह, डॉ. आलोक रंजन, डॉ. संतराम वर्मा, डॉ. ए.के. विश्वकर्मा तथा एनसीडी एमओ डॉ. पवन कुमारी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। एमएमजी जिला अस्पताल का यह जागरूकता कार्यक्रम लोगों को यह महत्वपूर्ण संदेश देने में सफल रहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, बाहर की चीजों के खानपान को कम करके और नियमित जांच कराकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है।