सरकार की विकास परक योजनाओं में बैंक लोन कराए उपलब्ध: डीएम

-जिला स्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति एवं जिला स्तरीय बैंकिंग समीक्षा समिति की बैठक संपन्न
-साख-जमा अनुपात को बढ़ाने के साथ विकासपरक सरकारी योजनाओं में ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश

गाजियाबाद। प्रदेश और केंद्र सरकार की विकासपरक योजनाओं में बैंक लाभार्थियों को लोन उपलब्ध कराए। इसके साथ ही बैंक साख-जमा अनुपात भी बढ़ाए। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति एवं जिला स्तरीय बैंकिंग समीक्षा समिति की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को यह दिशा-निर्देश दिए। सभी संबंधित पदाधिकारी आदि शामिल हुए।बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक बुद्ध राम ने बैंक की जून तिमाही 2024 तक की उपलब्धि पर विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें सभी बैंकों द्वारा जून 2024 महीने तक प्राप्त की गई उपलब्धियों की बारी-बारी से समीक्षा की गई। इस दौरान पाया गया कि जून तिमाही में जिले के जिन बैंकों के साख-जमा अनुपात निर्धारित मानक से कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने सभी बैंकों के जिला समन्वयकों को जिले में साख-जमा अनुपात को बढ़ाने के लिए निर्देशित किया।

इसके साथ ही बेहतर उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए। पिछली तिमाही माह की तुलना में जिले की वार्षिक साख योजना में उपलब्धि असंतोषजनक रही है। जिन बैंकों द्वारा साख-जमा अनुपात 40 प्रतिशत से कम हासिल हुई है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने बैंक प्रबंधकों को जिले में अपने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए वार्षिक साख योजना लक्ष्य के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया। बैंकों को साख-जमा अनुपात एवं वार्षिक ऋण योजना में और भी तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी बैंकों को आगामी तिमाही में ऋण योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति करने एवं ऋण जमा अनुपात को न्यूनतम 65 प्रतिशत तक लाने की कार्यनीति बनाने का निर्देश दिया।

केनरा बैंक,पंजाब नेशनल बैंक,स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ  बड़ौदा,इंडियन बैंक सहित अन्य बैंकों द्वारा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति उदासीनता बरते जाने को लेकर जिलाधिकारी ने फटकार लगाते हुए कहा कि कुछ बैंकों के प्रबंधकों द्वारा सरकारी योजनाओं एवं अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने के कारण जनपद का सीडी रेशियों कम हो रहा है। जो असहनीय है। यदि इन बैंकों द्वारा जल्द ही अपने कार्यों में सुधार नहीं किया गया तो इनके खिलाफ  सख्त कदम उठाने के लिए प्रशासन बाध्य होगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल,अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक बुद्ध राम, जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव,एलडीओ आरबीआई जेएस कालरा, नाबार्ड की डीडीएम अलका, उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान, जिला उद्यान अधिकारी निधि सिंह एवं सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं जिला समन्वयक आदि उपस्थित रहे।