उदय भूमि
मेरठ/लखनऊ। साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। अब इनकी नजर उत्तर प्रदेश की ई-शराब लॉटरी प्रणाली पर है। ठगों ने सरकारी पोर्टल से मिलते-जुलते नामों वाली फर्जी वेबसाइटें बनाकर आवेदकों को गुमराह करने का नया तरीका अपनाया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी और एसओपी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। जैसा कि कई सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन पोर्टल के साथ हो चुका है, साइबर अपराधी असली वेबसाइट के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। आवेदक जब इन नकली वेबसाइटों पर जाते हैं और वहां अपनी जानकारी भरते हैं, तो उनके साथ ठगी हो जाती है। अब ई-लॉटरी पोर्टल को लेकर भी ऐसी ही घटनाओं की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक ई-लॉटरी के नाम पर ठगी के अधिक मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अन्य सरकारी सेवाओं जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड नवीनीकरण, पासपोर्ट आवेदन आदि के नाम पर पहले ही कई लोगों को चूना लगाया जा चुका है। यही वजह है कि आबकारी विभाग ने समय रहते ही सख्त निर्देश और चेतावनी जारी कर दी है। साइबर ठगों से बचने के लिए इस खबर को ज्यादा से ज्यादा साझा करें और जागरूकता फैलाएं।
आबकारी विभाग की बड़ी पहल
उत्तर प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत कंपोजिट दुकानें, देशी शराब की दुकानें, मॉडलशॉप और भांग की दुकानों के लिए तीन चरणों में ई-लॉटरी कराने का फैसला लिया है।
• पहला चरण 6 मार्च को होगा और इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
• 23 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें सबसे अहम असली पोर्टल के यूआरएल को टाइप करके ही साइट खोलने का निर्देश दिया गया है।
लोगों के लिए खास सावधानियां
आबकारी विभाग और साइबर सेल ने आवेदकों के लिए कुछ खास सावधानियां बताई हैं—
• ई-लॉटरी पोर्टल का सही यूआरएल ही टाइप करें, लिंक पर क्लिक करने से बचें।
• अगर कोई संदिग्ध वेबसाइट मिले तो तुरंत आबकारी विभाग से संपर्क करें।
• अज्ञात फोन कॉल या ईमेल के जरिए मांगी गई बैंक डिटेल या ओटीपी साझा न करें।
• सोशल मीडिया पर वायरल लिंक को बिना जांचे-परखे न खोलें।
प्रशासन कर रहा अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के जाल में न फंसे और सतर्क रहें। यदि किसी को कोई समस्या हो तो वे आबकारी विभाग से संपर्क कर सही जानकारी ले सकते हैं।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
सरकार और प्रशासन द्वारा उठाए गए ये कदम लोगों को साइबर ठगों के जाल में फंसने से बचाने के लिए सराहनीय हैं। ऐसे में आवेदकों को भी सजग रहकर ही ऑनलाइन आवेदन करना चाहिए। यदि किसी को कोई शंका हो तो तुरंत विभाग से संपर्क करें और ठगी का शिकार होने से बचें।
साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान तेज
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, रामपुर, मेरठ, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर के आबकारी अधिकारी व्हाट्सएप ग्रुप, ट्विटर हैंडल और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लोगों को लगातार सतर्क कर रहे हैं।
• आधिकारिक पोर्टल के अलावा किसी अन्य वेबसाइट पर आवेदन न करें।
• फर्जी लिंक या संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें।
• कोई भी संदेह होने पर तुरंत आबकारी विभाग से संपर्क करें।
• साइबर ठगों से बचें, सतर्क रहें!

मेरठ मंडल उप आबकारी आयुक्त
मेरठ मंडल उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में नई आबकारी नीति लागू की गई है, जिसके तहत कंपोजिट दुकानों, देशी शराब दुकानों, मॉडलशॉप और भांग दुकानों के आवंटन के लिए ई-लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और आवेदकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा हमने सभी जिलों के आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लोगों को इस बारे में जागरूक करें। खासतौर पर आवेदकों को यह सलाह दी जा रही है कि वे सिर्फ आधिकारिक ई-लॉटरी पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। अगर किसी को कोई संदेह या समस्या हो, तो वे तुरंत आबकारी विभाग से संपर्क करें। हमारा उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है ताकि कोई भी साइबर ठगी का शिकार न हो।

जिला आबकारी अधिकारी
लखनऊ जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह का कहना है कि आबकारी विभाग ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। साथ ही, लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने के लिए सभी आबकारी निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल मीडिया, व्हाट्सएप मैसेज और फोन कॉल के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाएं। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी आवेदक साइबर ठगों के जाल में न फंसे।

जिला आबकारी अधिकारी
गौतमबुद्ध नगर
गौतमबुद्ध नगर जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि साइबर ठगी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, और ठगों द्वारा नकली वेबसाइटें बनाकर आम लोगों को गुमराह करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में, आबकारी विभाग द्वारा जनता को जागरूक करने और सुरक्षित आवेदन प्रक्रिया सुनिश्चित करने का प्रयास सराहनीय है। लोगों को इस अपील पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और किसी भी ऑनलाइन आवेदन से पहले सरकारी वेबसाइट की प्रामाणिकता जांच लेनी चाहिए। साथ ही, संदेह की स्थिति में विभाग के कार्यालय जाकर ही पुष्टि करना एक समझदारी भरा कदम होगा। इससे न केवल ठगी से बचाव होगा, बल्कि सरकार की नीतियों का सही क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो सकेगा। आबकारी विभाग और अन्य संबंधित संस्थानों को भी साइबर अपराध रोकने के लिए सतर्कता बढ़ानी चाहिए और फर्जी वेबसाइटों को जल्द से जल्द ब्लॉक करने के उपाय करने चाहिए। आबकारी विभाग की यह अपील बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जनता को साइबर ठगों से सचेत करने और नई आबकारी नीति के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जिला आबकारी अधिकारी गाजियाबाद
गाजियाबाद जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने कहा कि आबकारी विभाग पूरी सतर्कता से कार्य कर रहा है और नई आबकारी नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कड़े कदम उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है। फर्जी वेबसाइटों और साइबर ठगों से बचने के लिए लोगों को सचेत किया जा रहा है कि वे किसी भी आवेदन से पहले आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और कार्यालय से पुष्टि अवश्य करें। संजय कुमार प्रथम ने जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को कोई संदिग्ध वेबसाइट या गतिविधि दिखे तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि ठगी के मामलों को रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई करेगा और किसी को भी अवैध रूप से जनता को गुमराह करने नहीं दिया जाएगा।

जिला आबकारी अधिकारी
रामपुर जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने कहा कि आबकारी विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है और साइबर ठगी से बचाव के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ साइबर अपराधी आबकारी विभाग से मिलती-जुलती नकली वेबसाइटें बनाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभाग की सतर्कता और जागरूकता अभियानों के चलते ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। हिम्मत सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि किसी भी ऑनलाइन आवेदन या भुगतान से पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट की पुष्टि अवश्य करें। यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत आबकारी विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि आबकारी विभाग ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगा और जनता को किसी भी प्रकार के धोखे से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
















