यूपीसीडा CEO मयूर माहेश्वरी बोले उद्यमियों और प्रशासन के बीच संवाद होगा मजबूत उद्योगों की समस्याओं के समाधान पर रहेगा जोर

-गाजियाबाद और आसपास के औद्योगिक विकास को लेकर आईआईए और यूपीसीडा के बीच संवाद बैठक संपन्न
-मुख्य अतिथि सीईओ यूपीसीडा मयूर माहेश्वरी ने उद्योगों की समस्याओं को सुना, समाधान का दिया आश्वासन

गाजियाबाद। गाजियाबाद और आसपास के जनपदों में औद्योगिक विकास की संभावनाओं और उद्योगों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को संजय नगर स्थित होटल फार्च्यून इन में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी उपस्थित रहे। बैठक में गाजियाबाद, हापुड़, मोदीनगर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उद्योगपतियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए। यूपीसीडा की ओर से उप-महाप्रबंधक आर. एस. यादव, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप सत्यार्थी और राकेश झा, तथा परियोजना अधिकारी श्रीमती शर्मिला पटेल भी मौजूद रहीं। बैठक का स्वागत संबोधन आईआईए चैप्टर सचिव हर्ष अग्रवाल ने दिया, जबकि विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याएं आईआईए चैप्टर चेयरमैन संजय अग्रवाल ने प्रस्तुत कीं।

बैठक में उपस्थित उद्योगपतियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने आश्वासन दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से संबंधित सभी लंबित मुद्दों पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले 5-6 महीनों में यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्रों में इतना सुधार होगा कि औद्योगिक क्षेत्र खुद अपनी तरक्की की प्रतिस्पर्धा करेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी समस्याएं और सुझाव पेश किए गए हैं, उन पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा। साथ ही, नीतिगत बदलावों के लिए भी संबंधित विभागों से चर्चा की जाएगी। बैठक गाजियाबाद और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं को दूर करने और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। इससे उद्यमियों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा और आने वाले समय में औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

बैठक में कई वरिष्ठ पदाधिकारी और उद्योगपति शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से डिवीजनल चेयरमैन राकेश अनेजा, सीईसी सदस्य मनोज कुमार, आईएसी चेयरमैन साकेत अग्रवाल, एमएसएमई और पॉलिसी समिति चेयरमैन प्रदीप गुप्ता, एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज समिति चेयरमैन अमित नागलिया, प्रिंटिंग एवं पब्लिकेशन समिति चेयरमैन यश जुनेजा, वाइस चेयरमैन अमित बंसल और रमन मिगलानी, कन्वेनर संदीप गुप्ता आदि उपस्थित रहे। बैठक का धन्यवाद प्रस्ताव कोषाध्यक्ष संजय गर्ग ने दिया, और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

नीरज सिंघल ने पॉलिसी सुधार और औद्योगिक क्षेत्र के भविष्य पर रखे महत्वपूर्ण प्रस्ताव
आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने औद्योगिक नीति सुधारों पर चर्चा करते हुए कई अहम सुझाव दिए।
• 1000 वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंडों के लिए अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव।
• यूपीसीडा में औद्योगिक भूखंडों के ट्रांसफर शुल्क को नोएडा अथॉरिटी के समान किया जाए।
• किरायेदारी शुल्क में कटौती कर इसे नोएडा प्राधिकरण के समान किया जाए।
• बैंकों से ऋण लेने के लिए एक बार एनओसी मिलने के बाद दोबारा एनओसी लेने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
• औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए।
• यूपीसीडा के सहयोग से औद्योगिक क्षेत्रों में कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएं।
• एनसीआर में ग्रेप (ग्रेप) लागू होने से उद्योगों को बंद होने की समस्या पर समाधान खोजा जाए।

बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दे और सुझाव
बैठक में उद्योगपतियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना सुधारने, सड़क और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने, अग्निशमन केंद्र और कौशल विकास केंद्र की स्थापना, सुरक्षा उपायों को बढ़ाने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे।
• मसूरी-गुलावठी रोड औद्योगिक क्षेत्र में यूपीसीडा का उप-क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की मांग।
• औद्योगिक क्षेत्रों में जल निकासी और सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता।
• कौशल विकास केंद्र, अग्निशमन केंद्र और डिस्पेंसरी की स्थापना के लिए भूमि आवंटित करने की मांग।
• ट्रांस दिल्ली सिग्नेचर सिटी (लोनी) के औद्योगिक क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल का पुनर्निर्माण।
• सीवर और सड़क मरम्मत की व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता।
• छोटे औद्योगिक भूखंडों के लिए एनओसी और सेटबैक नियमों में छूट।
• लीजहोल्ड औद्योगिक भूमि को फ्रीहोल्ड में बदलने का प्रस्ताव।
• सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और औद्योगिक क्षेत्रों में क्लीन एंड ग्रीन इंडस्ट्रियल हब विकसित करने की मांग।

आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने बताया गाजियाबाद और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए यह बैठक एक महत्वपूर्ण पहल है। हमने यूपीसीडा के सीईओ के सामने उद्योगों की प्रमुख समस्याओं और आवश्यक सुधारों को विस्तार से रखा है। औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा, कौशल विकास केंद्रों और नीति सुधारों की जरूरत है, ताकि उद्यमियों को अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, हमने मांग रखी है कि यूपीसीडा में औद्योगिक भूखंडों के ट्रांसफर शुल्क और किरायेदारी शुल्क को नोएडा अथॉरिटी के समान किया जाए। इसके अलावा, छोटे उद्योगों को राहत देने के लिए अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की अनिवार्यता में छूट दी जाए।

लीजहोल्ड औद्योगिक भूमि को फ्रीहोल्ड में बदलने की नीति लागू होनी चाहिए। इससे उद्यमियों को अधिक स्वतंत्रता मिलेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, औद्योगिक क्षेत्रों में क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी को अपनाने की जरूरत है। यूपीसीडा के खाली पार्कों में सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने और कॉमन ईटीपी की स्थापना का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, उद्योगों को ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के कारण होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए, वायु गुणवत्ता मापन सिस्टम लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। यूपीसीडा और सरकार यदि इन नीतिगत सुधारों को लागू करती है, तो उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। हम आशा करते हैं कि आगामी महीनों में उद्योगों की समस्याओं का समाधान होगा और प्रदेश में व्यापारिक माहौल और अधिक अनुकूल बनेगा।