-फ्लैट की कुल कीमत का 10 फीसदी भुगतान पर ही एग्रीमेंट होगा रजिस्टर्ड
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने फ्लैट-खरीदारों के हक में बड़ा फैसला लिया है। ग्रेटर नोएडा में फ्लैट-खरीदार की तरफ से 10 फीसदी भुगतान करने पर बिल्डर-बायर एग्रीमेंट को रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले से बायर्स के हित सुरक्षित रहेंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन व प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार को 136वीं बोर्ड बैठक हुई, जिसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ एम. लोकेश, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीइओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ आशुतोष द्विवेदी, एसीईओ सुनील कुमार सिंह, एसीईओ प्रेरणा सिंह और एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस आदि शामिल रहे।
बोर्ड बैठक में ग्रेटर नोएडा के फ्लैट-खरीदारों व निवासियों के लिए कई अहम फैसले लिए गए, जिनमेें एग्रीमेंट टू सेल को पंजीकृत कराने का फैसला भी शामिल है। फ्लैट बायर्स की तरफ से मांग की जा रही थी कि खरीदार की तरफ से 10 फीसदी भुगतान करने पर बिल्डर और बायर के बीच होने वाले एग्रीमेंट को रजिस्टर्ड (एग्रीमेंट टू सेल) कराने की अनुमति प्रदान की जाए, ताकि बायर्स के पास एक लीगल डॉक्यूमेंट हो सके। एग्रीमेंट टू सेल के समय ही खरीदार को स्टांप ड्यूटी का पूरा भुगतान करना होगा। बाद में फ्लैट पर पजेशन मिलते ही 100 रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री हो जाएगी। लीगल डॉक्यूमेंट होने की वजह से बिल्डर किसी प्रकार की गड़बड़ी भी नहीं कर पाएगा। साथ ही रजिस्ट्री विभाग को स्टांप ड्यूटी भी समय से मिल जाएगी। अभी तक फ्लैट की कुल कीमत का भुगतान होने पर ही रजिस्ट्री हो पाती है।
दिसंबर के अंत तक सभी 58 सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति
जल विभाग की तरफ से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड को गंगाजल की ताजा स्थिति से भी अवगत कराया गया, जिसके अनुसार 85 क्यूसेक गंगाजल परियोजना के अंतर्गत 58 आवासीय सेक्टरों में से अब तक 50 सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति की जा रही है। इस साल के अंत तक सभी 58 सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी गंगाजल पहुंचाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेें तीन रिजर्वायर और ग्रेटर नोएडा ईस्ट में एक रिजर्वायर बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर स्वीकृत होने के बाद रिजर्वायर बनाने का काम चल रहा है। इस साल के अंत तक ये रिजर्वायर बन जाने की उम्मीद है।
तीनों प्राधिकरणों में भूखंड आवंटन की पॉलिसी होगी एक समान
नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व यमुना प्राधिकरण में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की पॉलिसी एक समान होगी। तीनों प्राधिकरणों की तरफ से सार्क एंड एसोसिएट्स को इस कार्य की जिम्मदारी सौंपी गई थी। इससे पहले एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) तैयार करने के लिए तीनों प्राधिकरणों की एक समिति बनाई गई, जिसकी बैठक में तीनों प्राधिकरणों के वित्त नियंत्रक एवं महाप्रबंधक की बैठक हुई, जिसके आधार पर आवंटन की अर्हता, लीज रेंट व अन्य प्रक्रियाओं के संबंध में एकरूपता लाने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।

















