एहतियातन आस-पास का क्षेत्र रेड जोन घोषित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भी बर्ड फ्लू का प्रकोप बढ़ता नजर आ रहा है। सरकारी मशीनरी को कोविड-19 (कोरोना वायरस) के साथ-साथ अब बर्ड फ्लू से भी निपटने के लिए होशियार होना पड़ा है। कानपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू वायरस की दस्तक से हड़कंप मच गया है। एहतियात के तौर पर चिड़ियाघर को सील कर दिया गया है। वहां 4 पक्षियों की मौत की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया गया है। कानपुर के कमिश्नर राजशेखर के आदेश पर चिड़ियाघर के आस-पास के क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है। जिला प्रशासन के साथ क्षेत्र के नागरिक भी सतर्क हो गए हैं। इसके अलावा जिस बाड़े के पक्षियों में बर्ड फ्लू की तस्दीक हुई उसके अन्य पक्षियों को भी चिड़ियाघर प्रशासन ने मारने का आदेश दिया है। कानपुर चिड़ियाघर में 2 दिन में दस पक्षियों की मौत हो गई थी, जिनमें 4 की जांच के सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए थे। जहां से रिपोर्ट में चारों में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। उधर, दिल्ली सरकार ने भी बर्ड फ्लू से निपटने को जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि गाजीपुर पॉल्ट्री फॉर्म दस दिन के लिए बंद कर दिया गया है। जबकि जिंदा पक्षियों के आयात पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली के प्रत्येक जिले में निगरानी हेतु सर्विलांस टीम गठित की गई है। पशु चिकित्सक निरंतर सर्वे कर रहे हैं। संजय झील, भलस्वा झील और पॉल्ट्री मार्केट की निगरानी की जा रही है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के पोंग क्षेत्र में भी बर्ड फ्लू की दहशत है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद यहां 3500 प्रवासी पक्षियों को मार दिया गया है। इसके अलावा कांगड़ा में भी बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है। कौओं की मौत के बाद 5 सैंपल जालंधर भेजे गए थे, जिसमें से 3 पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद 8 किलोमीटर क्षेत्र को सील करना पड़ा है। चिकन और अंडों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
















