अतुल वत्स के विजन प्लान पर बोर्ड की मुहर, मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में हुई बैठक में नया गाजियाबाद शहर बसाने के प्रस्ताव को मिली स्वीकृति

अतुल वत्स की योजना है कि अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल को तोड़ते हुए शहरवासियों को अधिक संख्या में आवास उपलब्ध कराया जाये। इसी कड़ी में हरनंदीपुरम नाम से मिनी सिटी बसाने की योजना बनाई गई है। लगभग 541 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस शहर में सभी सुविधाएं विश्वस्तरीय होगी। डेवलप कंट्रीज में जिस तरह से शहर विकसित की जाती हैं और जो सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है वह सभी सुविधाएं हरनंदीपुरम में उपलब्ध होगी। हरनंदीपुरम लोकेशन के लिहाज से भी काफी अच्छा है। यह राजनगर एक्सटेंशन के नजदीक और रैपिड रेल स्टेशन से सटा होगा। मेरठ स्थित मंडलायुक्त सभागार में हुई जीडीए की बोर्ड बैठक में काफी देर तक हरनंदीपुरम प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

विजय मिश्रा (उदय भूमि)
गाजियाबाद। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के विजन प्लान पर सोमवार को मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में हुई बैठक में बोर्ड सदस्यों ने सर्वसम्मति से मुहर लगाई। गाजियाबाद शहर में विकास की रफ्तार को गति देने और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने को लेकर अतुल वत्स ने जो प्लान तैयार किया है अब उस पर अमल शुरू हो गया है। अतुल वत्स की योजना है कि अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल को तोड़ते हुए शहरवासियों को अधिक संख्या में आवास उपलब्ध कराया जाये। इसी कड़ी में हरनंदीपुरम नाम से मिनी सिटी बसाने की योजना बनाई गई है। लगभग 541 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस शहर में सभी सुविधाएं विश्वस्तरीय होगी। डेवलप कंट्रीज में जिस तरह से शहर विकसित की जाती हैं और जो सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है वह सभी सुविधाएं हरनंदीपुरम में उपलब्ध होगी। हरनंदीपुरम लोकेशन के लिहाज से भी काफी अच्छा है। यह राजनगर एक्सटेंशन के नजदीक और रैपिड रेल स्टेशन से सटा होगा। मेरठ स्थित मंडलायुक्त सभागार में हुई जीडीए की बोर्ड बैठक में काफी देर तक हरनंदीपुरम प्रस्ताव पर चर्चा हुई। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने हरनंदीपुरम प्रस्ताव की हर छोटी बड़ी पहलुओं से बोर्ड सदस्यों को अवगत कराया। जिससे सभी सदस्य संतुष्ट हुए और प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में दो दर्जन से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

जीडीए की 165वीं बोर्ड बैठक सोमवार को मेरठ में मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी गुंजा सिंह, चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह एवं सचिव वित्त विभाग लखनऊ, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, चीफ कोर्डिनेटर प्लानर एनसीआर सेल एससी गौड़ एवं जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल, केशव त्यागी आदि मौजूद रहे। बैठक 27 प्रस्तावों को विस्तृत चर्चा के पास कर दिया गया। बोर्ड बैठक में हरनंदीपुरम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। 541 हेक्टेयर में विकसित की जाने वाली टाउनशिप राजनगर एक्सटेंशन की 45 मीटर आउटर रिंग रोड और पाइपलाइन मार्ग के बीच में विकसित की जाएगी। इसके साथ ही आरआरटीएस दुहाई स्टेशन से सिटी की दूरी केवल 3 किलोमीटर होगी। इसमें छोटे-बड़े सभी तरह के आवासीय, व्यवसायिक भूखंड होंगे। साथ ही स्कूल, अस्पताल, मॉल, आईटी पार्क आदि भी बनेंगे। यह टाउनशिप ग्राम मथुरापुर, नंगला फिरोज मोहनपुर, शमशेर,चम्पत नगर, भनैड़ा खुर्द, शाहपुर मोरटा, मोरटा, भोवापुर की कुल क्षेत्रफल 541.65 हेक्टेयर भूमि पर बसाई जाएगी। बैठक में इंदिरापुरम योजना को नगर निगम को हैंडओवर करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। बोर्ड बैठक में टीडीओ जोन का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण रहा। प्रस्ताव के मुताबिक मेट्रो ट्रेन के स्टेशन शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहन नगर, अर्थला, हिंडन रिवर, शहीद स्थल नया बस अड्डा एवं ब्लू मेट्रो लाइन के स्टेशन कौशांबी व वैशाली के दोनों तरफ 500-500 मीटर तक टीओडी जोन क्षेत्र में अब बिल्डिंगों के निर्माण हो सकेंगे।

बैठक में इंदिरापुरम योजना में 116 भूखंडों को नीलामी के जरिये बेचने का निर्णय लिया गया। इंदिरापुरम योजना में 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में गु्रप हाउसिंग के चार भूखंड नियोजित किए गए थे। करीब 26 बार नीलामी में रखने के बाद भी यह नहीं बिक सके। जिसके बाद जीडीए ने अपर सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई, जिसने इंदिरापुरम विस्तार योजना के तहत यहां 116 आवासीय व चार व्यवसायिक भूखंड का लेआउट तैयार किया। बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। जीडीए इस योजना में 116 आवासीय व चार व्यवसायिक भूखंड को नीलामी के जरिए बेचेगा। इससे जीडीए को लगभग 400 करोड़ की आमदनी होगी। उप्पल चड्ढा हाईटेक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की (वेव सिटी) परियोजना में भूखंड का इंतजार कर रहे आवंटियों का इंतजार खत्म होने वाला है। बोर्ड बैठक में इसके लेआउट का प्रस्ताव पास हो गया है। वेव सिटी ने 4196.30 एकड़ जमीन का संशोधित डीपीआर स्वीकृति करवाया था। लेकिन अब लेआउट 3786.79 एकड़ का पास करवाया है। बिल्डर अब इस ले-आउट पर तेजी से काम कराएगा, जिससे करीब 3000 आवंटियों को फायदा मिलेगा। संशोधित लेआउट स्वीकृत होने से अब फेस टू योजना पर तेजी से काम किया जाएगा, ताकि आवंटियों को जल्द से जल्द भूखंड पर कब्जा दिया जा सके।

मधुबन बापूधाम समेत पांच योजनाओं में जीडीए के बिना बिके फ्लैट की कीमत मार्च-2025 तक फ्रीज करने के प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई। वित्तीय वर्ष-2024-25 में सभी 1,748 फ्लैट पूर्व की कीमत के हिसाब से ही खरीदार खरीद सकेंगे। साथ ही कैलकुलेशन के दौरान भी कीमत नहीं बढ़ेगी। जीडीए की पांच योजनाओं में फ्लैट खाली हैं। इसमें मुख्य रूप से मधुबन-बापूधाम योजना, इंद्रप्रस्थ, चंद्रशिला, मोदीनगर के संजयपुरी योजना शामिल है। होटल भवन निर्माण उपविधि संशोधन 2023 को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। अब होटल भवन निर्माण के लिए न्यूनतम 1000वर्गमीटर भूखंड पर नक्शा पास करने की बाध्यता खत्म हो गई है। जीडीए के दो हजार वर्गमीटर या उससे बड़े भूखंडों को खरीदने का सभी को मौका मिलेगा। इसके लिए जीडीए अपने नियम व शर्तोंं में बदलाव करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास कर दिया है। नई टाउनशिप व आईटी सिटी, लॉजिस्टिक पार्क, एजुकेशन सिटी, मेडिसिटी, एरोसिटी आदि को विकसित व क्रियान्वित किए जाने के लिए कंसलटेंट फर्म रखने का प्रस्ताव भी पास हो गया है।

कोयल एन्क्लेव आवासीय योजना के जीएच नौ, दस, 11 व 12 पर वन व टू बीएचके भवनों को सीआईएसएफ  द्वारा लगभग एक हजार फ्लैट्स खरीदने का प्रस्ताव दिया था। इसे बोर्ड बैठक में मंजूरी दे दी है। जीडीए में उत्तर प्रदेश सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड से प्राप्त 14 भूतपूर्व सैनिक, 34 होमगार्ड्स व 20 पीआरडी सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति को स्वीकृति मिल गई। मधुबन-बापूधाम योजना के किसानों को रियायती दरों पर ई ब्लॉक, एफ  ब्लॉक के सामुदायिक केंद्र किराए पर देने का प्रस्ताव पास हो गया है। जीडीए के बिल्डर्स अब शमन शुल्क किस्तों में जमा कर सकेंगे। जीडीए उपाध्यक्ष केस टू केस इसका निर्णय लेंगे। मधुबन-बापूधाम योजना के आरओबी का निर्माण राज्य सेतु निर्माण निगम कर रहा है। जीडीए ने 44 करोड़ रुपए दिए हैं। इसकी अब लागत बढ़ गई है। इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हो गया हैं। बोर्ड बैठक में सेवानिवृत्त अधिकारियों की नियुक्त करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन आदि के भुगतान का प्रस्ताव भी पास हो गया हैं।