एनपीएस के विरोध में अटेवा के साथ डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने भरी हुंकार

-एनपीएस शिक्षकों एवं कर्मचारियों के भविष्य के लिए घातक: मनीष शर्मा

गाजियाबाद। देश निजीकरण के कारण लगातार पीछे होते जा रहा है। जिसका सीधा नुकसान शिक्षितों, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों को हो रहा है। एनपीएस शिक्षकों एवं कर्मचारी के भविष्य के लिए घातक है। निजीकरण मध्यम वर्ग को देश की हिस्सेदारी से रोकने का षड्यंत्र है। एनपीएस एवं निजीकरण से केवल देश पूंजीपतियों को मजबूत किया जा रहा है। यह बातें मंगलवार को महिला जिला चिकित्सालय में अंबरीश अंबालिया (प्रवक्ता अटेवा गाजियाबाद) के नेतृत्व में एनपीएस/निजीकरण के विरोध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अटेवा जिलाध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहीं। उन्होंने कहा जब तक सभी के लिए पेंशन नहीं तब तक रुकना मना है।

अटेवा अड़ा है और लड़ेगा भी एवं सभी के लिए जब तक पेंशन बहाल नहीं हो जाती तब तक मजबूती के साथ खड़ा है। निजीकरण एक घातक बीमारी है जिससे पार पाने के लिए सरकार की इस योजना का विरोध जरूरी है। देश पुन: पूंजीवादी व्यवस्था की ओर जाते हुए पीछे जा रहा है। इतिहास गवाह है कि पूंजीवादी व्यवस्था कभी भी किसी भी देश या विश्व के लिए उचित नहीं रहा है। अटेवा हमेशा से पुरानी पेंशन को लेकर लड़ा है। इसकी बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, संजय कुमार शर्मा जिला (महामंत्री डीपीए)के साथ डीपीए एवं नर्सिंग के साथियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

जिला चिकित्सालय से डॉक्टर सदस्यों ने भी गोष्टी में प्रतिभाग किया। नरेंद्र शर्मा ने कहा है समस्त डीपीए एसोसिएशन अटेवा के साथ मजबूती से ओपीएस बहाली के लिए साथ है। अटेवा गाजियाबाद के महामंत्री राम शेष वर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसपी सिंह, इकाई प्रभारी संजीव कुमार, अमित त्यागी (महानगर अध्यक्ष), रोहित शर्मा, अमरनाथ, कृष्णा दुबे, विनोद कुमार शर्मा, जगदीश यादव, पंकज उपाध्याय, दिनेश चन्द्र, अंबरीश रानी (जिला प्रवक्ता अटेवा), नीता जायसवाल, प्रवीण त्यागी, अमित, आरती शर्मा, जेबा सिद्दीकी, सोनी शर्मा, सुमंत कुमार, मोवीना, रिंकी, यति दीक्षित, मधु ने बैठक में प्रतिभाग किया। जिला महामंत्री राम शेष वर्मा का स्वास्थ्य खराब होने के बाद भी उन्होंने मीटिंग में प्रतिभाग किया।