न्याय : कंगना रनौत को राहत, बीएमसी को झटका

हाईकोर्ट ने अभिनेत्री के दफ्तर के निर्माण को जायज बताया

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को अदालत से इंसाफ मिलने की उम्मीद जाग गई है। मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के विरूद्ध कंगना की ओर से दायर याचिका को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है। कोर्ट ने रनौत के ऑफिस में तोड़-फोड़ की कार्रवाई को भी गलत ठहराया है। इसके अलावा बीएमसी द्वारा जारी नोटिस को निरस्त कर दिया गया है। मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कुछ समय पहले मुंबई में अभिनेत्री कंगना रनौत के ऑफिस के काफी हिस्से को ध्वस्त कर दिया था। ऑफिस में अवैध निर्माण होने की शिकायत मिलने पर यह कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई को गलत बताकर कंगना ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बीएमसी के खिलाफ याचिका दायर की। इस याचिका को कोर्ट से मंजूर कर लिया है। कोर्ट ने तोड़-फोड़ की कार्रवाई को गलत करार देकर बीएमसी को फटकार लगाई है। साथ कंगना के ऑफिस के निर्माण को जायजा ठहराया गया है। अदालत ने कहा कि शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित लेख से प्रतीत होता है कि कंगना रनौत द्वारा मुंबई को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) जैसा बताने के बाद यह कार्रवाई हुई है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार को इस प्रकार के गैर जिम्मेदारान बयानों की अनदेखी करनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि याचिका कर्ता अपने ऑफिस में रहने योग्य निर्माण कार्य कर सकती हैं। कोर्ट ने बीएमसी के नोटिस को रद्द करने के अलावा शिकायत और कार्रवाई के मूल्यांकन हेतु 3 माह का समय दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट का तर्क है कि यदि कोई अवैध निर्माण किया गया है तो कार्रवाई से पहले बीएमसी 7 दिन का नोटिस दे। उधर, कोर्ट के इस निर्णय के बाद अभिनेत्री कंगना रनौत ने ट्वीट कर अपनी खुशी का इजहार किया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। उन सभी का आभार जो मेरे साथ खड़े रहे।