-नगर आयुक्त ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को लेकर गालंद के निवासियों से की मुलाकात
-एनर्जी प्लांट से बनाई जाएगी बिजली, ग्राम का भी होगा पूर्ण विकास
-गालंद निवासियों के एक्सपोजर विजिट के लिए रखा प्रस्ताव, दिल्ली, गुजरात, गोवा, इंदौर का दिया सुझाव
-गालंद के किसानों ने किया नगर आयुक्त के सुझावों का स्वागत, सर्वसम्मति से लिया जाएगा निर्णय
गाजियाबाद। शहर से निकलने वाले लगभग 1400 मीट्रिक टन कूड़े का हापुड़ जनपद के पिलखुआ क्षेत्र के गालंद गांव की जमीन पर प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने के लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कवायद तेज कर दी है। शहर को कूड़ा और कचरा मुक्त बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। गालंद में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगने से जहां एक तरफ कूड़े की समस्या का निस्तारण होगा। वहीं ग्रामीण में विकास के साथ युवाओं का रोजगार के भी अवसर प्रदान होंगे। वहां गीले और सूखे कचरे को अलग करने के बाद एनर्जी प्लांट से बिजली बनाई जाएगी। यहां उत्पादित बिजली आसपास के इलाकों में सप्लाई की जाएगी। इससे प्राप्त होने वाले राजस्व से नगर निगम की आय भी बढ़ेगी। मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने गालंद के ग्राम वासियों से मुलाकात की। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के विषय में विस्तार से चर्चा हुई। ग्राम के विकास कार्यों को लेकर भी सुझाव रखे गए। मौके पर जन कल्याण किसान वेलफेयर एसोसिएशन की टीम भी उपस्थित रही। वार्ता में अन्य कई स्थानों पर इसी प्रकार कूड़े से बिजली बनाने का कार्य चल रहा है, जो कि सफल हो रहा है।
आसपास के क्षेत्रवासियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। नगर आयुक्त द्वारा विस्तार से सभी ग्राम वासियों को वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के बारे में बताया गया। मौके पर ही वीडियो चलाकर डेमो भी दिया गया। गुजरात जामनगर में बिना किसी परेशानी के कूड़े से बनाई जा रही बिजली के बारे में बताया गया। अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश कुमार एवं उद्यान प्रभारी डॉक्टर अनुज कुमार सिंह, एसडीएम, तहसीलदार व पुलिस अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने सौहार्दपूर्ण माहौल के साथ वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की योजना पर गालंद के ग्रामीण वासियों से बातचीत हुई। जिसमें कूड़े से किसी प्रकार की गंदगी नहीं फैलेगी बनने वाले प्लांट में भी पूर्ण रूप से सफाई का ध्यान रखा जाएगा। आसपास की ग्रामीण क्षेत्र का भी विकास होगा, किसी प्रकार की असुविधा ग्रामीण वासियों को नहीं होगी। युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। अन्य लाभ भी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनने पर होगा विस्तार से उपस्थित जनों को अवगत कराया गया। किसी प्रकार का भ्रम ना हो योजना से ना गंदगी का डर होगा और ना ही किसी प्रकार की असुविधा विस्तार से समझाया गया। जिस पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के बारे में पूर्ण जानकारी के लिए इंदौर, गुजरात, गोवा व अन्य का स्थान का उदाहरण भी दिया गया। नगर आयुक्त ने बताया ग्रामीण वासियों ने गालंद में बनने वाले वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को लेकर प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की।
अपनी समस्याओं में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने डंपिंग ग्राउंड फैलने वाली गंदगी, बदबू का विषय रखा। जिस पर उदाहरण देने के साथ-साथ उनको योजना के बारे में विस्तार से बताया गया। नगर आयुक्त द्वारा उपस्थित गालंद ग्रामीण वासियों के समक्ष एक्सपोजर विजिट का प्रस्ताव भी रखा गया। जिसमें गुजरात, दिल्ली, इंदौर, गोवा में चल रहे वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर विजिट करने के लिए सुझाव भी दिया। ताकि पूर्ण जानकारी ग्रामीण वासियों को हो, इसका सुझाव दिया गया। जिस पर उपस्थित ग्रामीण वासियों ने नगर आयुक्त के सुझाव का स्वागत करते हुए आपसी विचार विमर्श करने और टीम गठित करने के उपरांत निर्णय लेकर नगर आयुक्त को अवगत कराने को कहा।
बातचीत के दौरान नगर आयुक्त ने ग्रामीण वासियों को समझाया कि उक्त स्थान पर डंपिंग ग्राउंड नहीं बनाया जा रहा है। गाजियाबाद नगर निगम की अपनी जमीन पर वर्तमान में केवल बाउंड्री का कार्य किया जाएगा। उसके उपरांत आगामी योजना को बनाते हुए जनहित में कार्य किया जाएगा। किसी प्रकार का डंपिंग ग्राउंड नहीं बनाया जा रहा है। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाने की योजना है। जिसमें नगर आयुक्त द्वारा ग्राम वासियों से पूर्ण सहयोग की अपील भी की। ग्राम वासियों ने सभी बातों को समझते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा। अन्य ग्राम वासियों से व आसपास के क्षेत्र में वार्ता करने के उपरांत निर्णय लिया जाएगा। मौके पर जनकल्याण किसान वेलफेयर समिति के अध्यक्ष राजीव तोमर द्वारा नगर आयुक्त के सुझावों का स्वागत करते हुए विचार करने के लिए समय लिया। साथ मे बृजमोहन सिंह तोमर, हरिओम प्रदीप आकाश तोमर, सोनू, सत्येंद्र शर्मा व अन्य क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।



















