-स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान दो वार्ड ब्वॉय नदारद, वेतन रोकने के आदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोदीनगर का मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल ने मंगलवार को अचानक निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहां कई व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, वहीं कुछ अव्यवस्थाओं पर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई और आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत उपस्थिति पंजिका की जांच से हुई, जिसमें अधिकतर चिकित्सक उपस्थित मिले, लेकिन दो वार्ड ब्वॉय अनुपस्थित पाए गए। इस पर सीडीओ ने उनका वेतन रोकने के निर्देश देते हुए लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तीन अलग-अलग लाइनों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन एबीडीएम और कंप्यूटरीकृत पंजीकरण प्रणाली को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। दवाओं की उपलब्धता संतोषजनक रही और किसी भी दवा की एक्सपायरी नहीं मिली, जो अस्पताल की तैयारियों को दर्शाता है। आपातकालीन वार्ड में चार मरीज भर्ती पाए गए। वहां मौजूद स्टाफ और दवा व्यवस्था उचित पाई गई। महिला वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत के दौरान कोई शिकायत सामने नहीं आई।
लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर में सभी अभिलेखों और उपकरणों की जांच की गई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश द्वारा कुछ आवश्यक उपकरणों की मांग रखी गई, जिसे सीडीओ ने संज्ञान में लिया। शौचालयों की सफाई, पेयजल व्यवस्था (वाटर कूलर) और रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था को संतोषजनक पाया गया। डेंटल विभाग में मरीजों का उपचार जारी था, हालांकि वहां पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की आवश्यकता जताई गई। वहीं, एक्स-रे रूम में ऑनलाइन रिपोर्टिंग की सुविधा सक्रिय रूप से कार्य कर रही थी। आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाने की प्रक्रिया चालू मिली और सीडीओ ने अधिक से अधिक लोगों तक इस सेवा को पहुंचाने के निर्देश दिए। हीट वेव वार्ड में सभी आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध थे। हेल्थ एटीएम की सक्रियता को परखने के लिए सीडीओ ने स्वयं इसका उपयोग कर परीक्षण भी कराया।
टीकाकरण व्यवस्था और डॉग बाइट वैक्सीनेशन काउंटर भी जांच के दायरे में रहे और कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, रात्रिकालीन रोशनी, और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति भी संतोषजनक पाई गई। हालांकि कैंटीन संचालन को लेकर एक खामी सामने आई। वर्ष 2018 से संचालित कैंटीन के संचालक द्वारा आवंटन पत्र प्रस्तुत न करने पर नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए गए। सीडीओ अभिनव गोपाल ने निरीक्षण के बाद स्पष्ट किया कि अस्पताल की व्यवस्थाएं बेहतर दिशा में हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं जैसे स्वच्छता, उपकरणों की उपलब्धता और रजिस्ट्रेशन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि सभी कमियों को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त किया जाए।

















