ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने ऐसा प्लान तैयार किया है, जिससे अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लग जाएगा। भू उपयोग बदलने का अधिकरण प्राधिकरण के पास है। ऐसे में रजिस्ट्री के समय भू उपयोग नहीं बदला जा सकता है। एक एकड़ से कम जमीन पर खेती करना मुश्किल होता है। जबकि 60-60 गज की रजिस्ट्री कृषि जमीन की होती है। यह रजिस्ट्री आवासीय में की जा रही है। इसी रजिस्ट्री के बल पर खरीदारों को बैंक लोन दे देेते हैं। प्राधिकरण के जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह ने रजिस्ट्री विभाग को पत्र लिखा है। पत्र में स्टांप एवं निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक से कहा गया है कि रजिस्ट्री के समय जमीन का भू-उपयोग नहीं बदला जाये। कृषि जमीन की रजिस्ट्री आवासीय में होने के कारण ही अवैध कॉलोनियां बस रही है। उप निबंधक दादरी, सदर व जेवर को निर्देश दिए जाएं कि नियमों के अनुरूप रजिस्ट्री की जाएं। इससे अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही एनजीटी के आदेशों पर अमल किया जा सकेगा।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने शहर में अवैध तरीके से विकसित हो रहीं कॉलोनियों पर अंकुश लगाने का प्लान तैयार किया है। अगर इस पर अमल हुआ तो अवैध कॉलोनियों के विकास पर अंकुश लग जाएगा। इसके लिए स्टांप विभाग को पत्र लिखा गया है। इसके लागू होने से कृषि भूमि का आवासीय श्रेणी में रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनियों की बाढ़ आ गई है। पूरा शाहबेरी भी बिना नक्शे पर विकसित हो गया है। अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने ऐसा प्लान तैयार किया है, जिससे इस पर अंकुश लग जाएगा। प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना प्राधिकरण की एनओसी के कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता है। साथ ही भू उपयोग भी तय है। जहां जिस तरह का भू उपयोग है, वहां उसी तरह की गतिविधियां हो सकती हैं। प्राधिकरण ने अभी अधिसूचित क्षेत्र की सब जमीन का अधिग्रहण नहीं किया है। ऐसे में कॉलोनाइजर किसानों से मिलकर कॉलोनियां काटने लगते हैं। इस तरह की सैकड़ों कॉलोनियों बनाकर प्लाटिंग की गई है। प्राधिकरण समय-समय पर कार्रवाई भी करता रहा है। अब इस पर अंकुश लगाने की फुल प्रूफ तैयारी की गई है। ताकि ऐसी गतिविधियां बंद हों। प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने स्टांप एवं निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक को पत्र लिखा है।
पत्र में बताया गया है कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में प्लाटिंग करना गैर कानूनी है। उन्होंने कहा कि एक एकड़ से कम जमीन पर खेती करना मुश्किल होता है। जबकि 60-60 गज की रजिस्ट्री कृषि जमीन की होती है। यह रजिस्ट्री आवासीय में की जा रही है। जबकि प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में भू उपयोग तय कर रखा है। इसी रजिस्ट्री के बल पर खरीदारों को बैंक लोन दे देेते हैं। प्राधिकरण इस तरह के निर्माण को गिरा देता है। ऐसे में इन खरीदारों को दोहरी मार पड़ती है। पत्र में कहा गया है कि इस तरह की रजिस्ट्री बंद होनी चाहिए। भू उपयोग बदलने का अधिकरण प्राधिकरण के पास है। ऐसे में रजिस्ट्री के समय भू उपयोग नहीं बदला जा सकता है। अवैध कालोनियों को लेकर एनजीटी ने भी आपत्ति जताई है और कार्रवाई के लिए कहा है। पत्र में स्टांप एवं निबंधन विभाग के सहायक महानिरीक्षक से अनुरोध किया गया है कि उप निबंधक दादरी, सदर व जेवर को निर्देश दिए जाएं कि नियमों के अनुरूप रजिस्ट्री की जाएं। इससे अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही एनजीटी के आदेशों पर अमल किया जा सकेगा।
समय-समय पर प्राधिकरण करता रहा है कार्रवाई
-पिछले दिनों ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने हैबतपुर के डूूब क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बुल्डोजर चलाया। प्राधिकरण ने करीब 30 हजार वर्ग मीटर डूब एरिया को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया है। हिंडन के किनारे कालोनाइजरों से जमीन लेकर लोगों ने घर बना लिए थे, जिसे एनजीटी के आदेश पर ग्रेनो प्राधिकरण ने तोड़ दिया। डूब क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने सिंचाई विभाग से कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी थी। प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में होने के नाते ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व सिंचाई विभाग ने पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की। डूब क्षेत्र होने के बावजूद कालोनाइजर चोरी-छिपे प्लॉटिंग कर रहे हैं। शिवम एंक्लेव के नाम से अवैध कालोनी बसा रहे थे। इस कार्रवाई में 10 से अधिक निर्मित घर और दो दर्जन बाउंड्री वॉल को तोड़ दिया गया।
-ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर रोड पर सेक्टर 2 और 3 से सटी ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण कर आसपास के कुछ लोगों ने मार्केट बना लिया था। यह ग्रीन बेल्ट पतवाड़ी गांव की जमीन पर स्थित है। यहां पर अवैध रूप से ऑटोमोबाइल, अल्युमिनियम वर्क्स और मार्बल की दुकानें चल रहीं थीं। प्राधिकरण की तरफ से इन दुकानों को हटाने के लिए नोटिस जारी की गई , लेकिन इन लोगों ने दुकानें नहीं हटाईं। करीब 4 घंटे तक लगातार तोड़फोड़ की कार्रवाई करके दुकानों को गिरा दिया गया।

महाप्रबंधक परियोजना, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिर वह एरिया चाहे डूब क्षेत्र ही क्यों न हो। कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। अवैध कॉलोनी में अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं। अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री को लेकर भी कदम उठाए गए हैं। अब ऐसी गतिविधियां रोकी जाएंगी।
एके सिंह, महाप्रबंधक परियोजना ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
















