गाजियाबाद में रिकॉर्डतोड़ नीलामी में चमका इंदिरापुरम, जीडीए की झोली में आए 106 करोड़

-2.76 लाख रुपये/वर्गमीटर में बिका भूखंड, 28 संपत्तियों पर लगी सर्वाधिक बोली

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की संपत्तियों की नीलामी में इस बार अभूतपूर्व उत्साह और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। बुधवार को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित नीलामी में इंदिरापुरम योजना का एक भूखंड 2.76 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की ऐतिहासिक दर पर बिका, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव माना जा रहा है। इस नीलामी प्रक्रिया से जीडीए को कुल 106.03 करोड़ रुपये की भारी भरकम आमदनी हुई है, जो संस्था के राजस्व में एक उल्लेखनीय इजाफा है। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस खुली नीलामी में गाजियाबाद की विभिन्न योजनाओं की कुल 164 संपत्तियों और 10 कियोस्कों को बिक्री के लिए रखा गया था। इनमें से 28 भूखंडों को सर्वाधिक बोली पर बेच दिया गया। नीलामी में भाग लेने के लिए जीडीए को कुल 192 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिससे इस आयोजन की लोकप्रियता और पारदर्शिता का स्तर स्पष्ट झलकता है। नीलामी प्रक्रिया का संचालन जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया। उनके साथ प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, ओएसडी कनिका कौशिक, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार, लेखाकार और जीडीए पुलिस इंस्पेक्टर नरेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

नीलामी में इंदिरापुरम और उसके विस्तार क्षेत्रों की संपत्तियों को सबसे अधिक प्राथमिकता मिली। इंदिरापुरम विस्तार योजना के बीके-7 सेक्टर में सात भूखंडों की बिक्री से 45.44 करोड़ रुपये और एके-3 सेक्टर के भूखंडों से 23.39 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त न्याय खंड-1 में स्थित एक व्यवसायिक भूखंड 3.16 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। इसी प्रकार इंदिरापुरम के कन्वीनियंट शॉपिंग भूखंडों और आवासीय भूखंडों से क्रमश: 5.19 करोड़ और 12.29 करोड़ रुपये की आय हुई। मधुबन-बापूधाम योजना में स्थित सीएनजी फिलिंग स्टेशन का एक भूखंड 5.18 करोड़ रुपये में बिका, जो ई-वाहन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में संकेत माना जा रहा है। अन्य योजनाओं जैसे कौशांबी, इंद्रप्रस्थ और यूपी बॉर्डर स्थित भूखंडों की भी अच्छी कीमतों पर बिक्री हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि गाजियाबाद में जीडीए की योजनाएं निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक हैं।

जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में संपन्न यह नीलामी केवल वित्तीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जनता के विश्वास की दृष्टि से भी एक बड़ी सफलता रही। उन्होंने पहले ही निर्देश दे दिए थे कि नीलामी पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सार्वजनिक भागीदारी के साथ संपन्न होनी चाहिए। परिणामस्वरूप, बिना किसी विवाद या आपत्ति के यह नीलामी सफलतापूर्वक पूर्ण हुई। जीडीए के अधिकारियों के अनुसार, नीलामी में प्राप्त 106.03 करोड़ रुपये का उपयोग आने वाली योजनाओं और आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने में किया जाएगा। खासकर सड़कें, सीवरेज सिस्टम, हरित क्षेत्र और ई-गवर्नेंस को सुदृढ़ करने में इन धनराशियों का उपयोग किया जाएगा।

इस नीलामी ने स्पष्ट कर दिया कि गाजियाबाद में अब भी जमीन और संपत्तियों में निवेश को लेकर बाजार में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। जीडीए द्वारा योजनागत रूप से विकसित क्षेत्रों की संपत्तियां निवेशकों को सुरक्षा, सुविधा और स्थायित्व का भरोसा देती हैं। इंदिरापुरम योजना की रिकॉर्डतोड़ बोली इसका प्रमाण बनकर सामने आई है। यह नीलामी न सिर्फ जीडीए के लिए बल्कि गाजियाबाद शहर के विकास के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है, जिससे आने वाले समय में और भी बड़े निवेश और विकास की राह खुलने की संभावना प्रबल हुई है।