प्रधानमंत्री मोदी ने शुभारंभ किया, शहीदों को नमन
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चौरी चौरा शताब्दी समारोह की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सौ साल पहले की घटना सिर्फ थाना भवन जलाने का मसला नहीं था। यह आजादी के लिए उठाया गया नया कदम था। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को भी साधने की कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौरी चौरा घटना के संदर्भ में कहा कि आग थाना भवन में नहीं लगी थी, जन-जन के हृदय में लगी थी। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की में किसान भी रहा है। किसान आत्मनिर्भर बनें, इसके लिए पिछले 6 साल में अनेक कार्यक्रम किए गए हैं। कोरोना काल में देश मजबूती से आगे बढ़ा। किसानों ने रिकार्ड पैदावार की। उन्होंने कहा कि मंडी किसानों के फायदा का बाजार बने, इसके लिए एक हजार और मंडियों को इनाम से जोड़ा जाएगा। यह सभी फैसले किसानों को आत्मनिर्भर बनाएंगे। कृषि को और मजबूत बनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सामूहिकता की जिस शक्ति ने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ा था, वही ताकत भारत को दुनिया में बड़ा बनाएगी। कोरोना काल में भारत ने दुनिया के 150 देशों को जरूरी दवा भेजी। अपने नागरिकों को विदेश से लाए और विदेशी नागरिकों को विदेश भेजा गया। उन्होंने कहा कि चौरी चौरा की पवित्र धरती को मैं प्रणाम करता हूं। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष डाक टिकट भी जारी किया। यह समारोह सालभर चलेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद रहे। सरकार ने चौरी चौरा कांड के शहीदों के स्मारक स्थल और संग्राहलय का पुनरूद्धार किया है। वहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। बता दें कि चौरी-चौरा कांड के 100 साल पूरे हो गए हैं। विगत 4 फरवरी 1922 के दिन गुस्साई भीड़ ने दारोगा के खराब बर्ताव के खिलाफ नाराजगी का इजहार कर चौरा थाने को जला दिया था।
















