लखनऊ में अवैध शराब के साथ स्पिरिट की तलाश में सड़कों पर चला चेकिंग अभियान

लखनऊ में भले ही शराब माफिया अपना कदम नही जमा पा रहे हो, लेकिन लखनऊ के रास्ते अन्य जिले व बिहार में शराब तस्करी करने की फिराक में लगे माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग की टीम अपनी कार्रवाई में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। साथ ही मुखबिरों के माध्यम से अवैध रूप से शराब बिक्री करने वालों के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। बाहरी राज्यों की शराब तस्करी रोकने के साथ-साथ देहात क्षेत्र में होने वाले महुआ अवैध शराब के धंधे से जुड़े लोगों को भी सही दिशा दिखाने में आबकारी विभाग अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। महुआ अवैध शराब के धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है, साथ ही उन्हें सुधरने का मौका भी दे रहा है।

उदय भूमि
लखनऊ। जनपद लखनऊ को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त करने और शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आबकारी विभाग की टीम ने फिर से अपनी कार्रवाई को धार देना शुरू कर दिया है। अभियान के तहत शराब तस्करों के साथ स्प्रिट लेकर जाने वाले वाहनों को भी चेक किया जा रहा है। दरअसल आबकारी विभाग अपनी कार्रवाई में दो बार स्प्रिट के अवैध धंधे का भंडाफोड़ करते हुए मिलावटी पेट्रोल और डीजल का खेल करने वालों को सलाखों के पीछे भेज चुका है। जिसके लिए राष्ट्रीय मार्ग के साथ राजमार्गों पर भी निगरानी तेज कर दी है। लखनऊ में भले ही शराब माफिया अपना कदम नही जमा पा रहे हो, लेकिन लखनऊ के रास्ते अन्य जिले व बिहार में शराब तस्करी करने की फिराक में लगे माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग की टीम अपनी कार्रवाई में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। साथ ही मुखबिरों के माध्यम से अवैध रूप से शराब बिक्री करने वालों के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। बाहरी राज्यों की शराब तस्करी रोकने के साथ-साथ देहात क्षेत्र में होने वाले महुआ अवैध शराब के धंधे से जुड़े लोगों को भी सही दिशा दिखाने में आबकारी विभाग अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।

महुआ अवैध शराब के धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है, साथ ही उन्हें सुधरने का मौका भी दे रहा है। हिदायत के बाद भी अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों को सलाखों के पीछे भेजने से भी नहीं चूक रहा है। शराब माफिया की कुंडली खंगालने के अलावा संभावित ठिकानों की पुख्ता जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके बाद रणनीति के तहत छापामार कार्रवाई हो रही है। आबकारी विभाग के मंसूबों को देखकर शराब माफिया को निरंतर अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है। इसके बावजूद उन्हें जिले में पांव जमाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। जिले में भले ही शराब माफिया की जड़ें काफी गहरी हों, मगर उन्हें खोदने के लिए आबकारी विभाग की टीम भी पीछे नहीं हट रही है। आबकारी विभाग की सख्ती होने पर वह अपनी रणनीति और ठिकानों में भी बदलाव करने को मजबूर हो रहा है। लखनऊ में आबकारी अधिकारी ने अपनी रणनीति से शराब माफिया और उनके गुर्गों की नींद उड़ा रखी है। इसका कारण साफ है कि विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं परिवहन की चेन तोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना अपना रखी है। इसके तहत शराब माफिया और उनके गुर्गों को संभलने का मौका नहीं दिया जा रहा है।

जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री, परिवहन और तस्करी के विरुद्ध चलाये जा रहे प्रवर्तन अभियान के तहत जिले में आबकारी विभाग की टीमें अपने-अपने क्षेत्र में चेकिंग अभियान के साथ शराब तस्करों के ठिकानों पर भी दबिश दे रही है। शुक्रवार को आबकारी विभाग के निरीक्षक इंस्पेक्टर शिखर, रिचा सिंह, विजय शुक्ला, विवेक सिंह, रजनीश प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, कृति प्रकाश पाण्डेय, अभिषेक सिंह, विजय राठी, सुभाष चन्द्र, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, और शिखर मल्ल विशेन की टीम द्वारा चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के साथ लाइसेंसी शराब की दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही फुटकर दुकानों का भी निरीक्षण किया किया गया। दुकानों का निरीक्षण करने के साथ-साथ गुप्त रूप से टेस्ट परचेज भी करवाया गया।

अनुज्ञापियों को चेतावनी दी गई कि दुकान में किसी भी प्रकार की अनियमितता ना होने पाए। शराब पर अंकित मूल्यों से अधिक वसूली की गई तो संबधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही टीम द्वारा सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करने वाले और बिना लाइसेंस के शराब पिलाने वाले रेहड़ी-पटरी, ढाबा मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई लगातार जारी है। आबकारी निरीक्षक शिखर मल्ल विशेन की टीम द्वारा इटौंजा टोल प्लाजा एवं हाईवे और इसके संपर्क मार्गो के किनारे खड़े एवं चलने वाले संदिग्ध छोटे-बड़े वाहनों, कार, बसों, डीसीएम गाड़ी, स्प्रिट के टैंकरों एवं मालवाहक ट्रकों आदि की गहन चेकिंग की गई। साथ ही साथ हाईवे के किनारे संचालित ढाबा एवं रेस्टोरेंट की भी तलाशी एवं जांच की गई।

इस दौरान ढाबों पर खड़े स्प्रिट टैंकरों पर विशेष ध्यान देने के लिए ढाबा संचालकों को निर्देश दिए गए एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में विभाग को सूचित करने के लिए मोबाइल नंबर एवं टोल फ्री नंबर साझा किया गया। चेकिंग के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बरामदगी नहीं हुई। अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री को रोकने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। शराब माफिया को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अवैध शराब की बिक्री के विरूद्ध कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता का कार्यक्रम भी किया जा रहा है।