– नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने शहर के नालों का किया निरीक्षण, सफाई की जरूरत के हिसाब से नालों का होगा कैटेगराइजेशन
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। मानसून की बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या ना रहे इसको लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है। शुक्रवार को नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने शहर के विभिन्न नालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ विभाग एवं निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की और नालों की सफाई का रोड मैप तैयार किया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नालों की सफाई को लेकर तैयार कार्ययोजना पर इस तरह से क्रियान्वयन हो कि सभी नालों का ठीक ढ़ंग से सफाई हो और फिजुलखर्ची पर विराम लगे। शहर में 73 ऐसे स्थान चिन्हित किये गये हैं जहां पर जल भराव होता है। इन स्थानों पर जल निकासी को लेकर विशेष निर्देश दिये गये।
नालों की सफाई को लेकर पिछले वर्ष स्वास्थ्य विभाग की काफी किरकिरी हुई थी। ठेकेदारों एवं अधिकारियों की मिलीभगत से नालों की सफाई के नाम पर खेल हुआ था। अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच पैसों के बंदरबांट को लेकर गंभीर आरोप लगे। नगरायुक्त का चार्ज संभालने के बाद महेंद्र सिंह तंवर को जब इन आरोपों की जानकारी हुई तो उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई की। इस बार किसी तरह की गड़बड़ी ना हो इसलिए नगरायुक्त ने पहले ही नालों की सफाई को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिया है और टेंडर कराने को कहा है। निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के साथ इस बात को लेकर जानकारी ली कि किस तरह से 73 स्थानों पर जल भराव को रोका जा सके।
निरीक्षण के बाद नगरायुक्त ने बताया कि शहर के नालों को दो भाग में बांट कर सफाई कराया जाएगा। जिसमें प्रथम चरण में मैन ड्रेन के बड़े नालों को शामिल किया जाएगा तथा द्वितीय चरण में छोटे नालों को शामिल किया जाएगा। नालों में फैली गंदगी के आधार पर भी उनका कैटगराइजेशन किया गया है। नालों को रेड, यैलो एवं ग्रीन कैटेगरी में बांटा गया है। जिन नालों में बहुत ज्यादा गाद भरे हुए हैं और जिन को साफ करने के लिए हमें ठेकेदार की आवश्यकता होगी। ऐसे नालों को रेड कैटेगरी में रखा गया है। इन नालों की सफाई के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं।
जिन नालों में बहुत अधिक कार्य नहीं होना है तथा जिन को आसानी से उपकरणों के माध्यम से साफ किया जा सकता है उनको गाजियाबाद नगर निगम की उपकरणों के माध्यम से टीम द्वारा साफ कराया जाएगा। इसे यैलो कैटगरी में रखा गया है। ग्रीन कैटेगरी में वह नाले लिए जाएंगे जिनको स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत साफ किया जा चुका है और उनमें थोड़ी बहुत गंदगी है। निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने पार्षदों से भी सुझाव लिया। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश, उद्यान प्रभारी डॉ अनुज सिंह, जेई संजय कुमार गंगवार, पार्षद विनोद कसाना मौजूद रहे।
















