• दूधेश्वरनाथ से शुरू हुआ श्रद्धा और शासन का संगम, सीएम ने रुद्राभिषेक कर किया कांवड़ मेले का शुभारंभ
• मेले की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण, गाजियाबाद मॉडल बनेगा पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण
• दूधेश्वरनाथ मंदिर को राष्ट्रीय तीर्थ बनाने की दिशा में तेजी, कॉरिडोर निर्माण पर विशेष चर्चा
• महंत नारायण गिरी से कॉरिडोर प्रगति रिपोर्ट ली, गाजियाबाद बनेगा धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद स्थित ऐतिहासिक और सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर रविवार को इतिहास का साक्षी बना, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां रुद्राभिषेक कर श्रावण कांवड़ महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मुख्यमंत्री ने न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि मेले की प्रशासनिक तैयारियों का जमीनी जायजा भी लिया। यह सिर्फ पूजा नहीं थी, यह था आस्था और प्रशासन का अद्वितीय संगम मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार श्रद्धा को सिर्फ सम्मान नहीं, सुरक्षा भी देती है। मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधिपूर्वक रुद्राभिषेक किया और दूधेश्वरनाथ वेद पाठशाला के छात्रों द्वारा पारंपरिक वैदिक रीति से किए गए स्वागत को भावुकता से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की जड़ें हैं। यह पीढिय़ों को जोड़ता है, पहचान देता है, और धार्मिक चेतना को जीवित रखता है।
गाजियाबाद। गाजियाबाद स्थित ऐतिहासिक और सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर रविवार को इतिहास का साक्षी बना, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां रुद्राभिषेक कर श्रावण कांवड़ महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मुख्यमंत्री ने न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि मेले की प्रशासनिक तैयारियों का जमीनी जायजा भी लिया। यह सिर्फ पूजा नहीं थी, यह था आस्था और प्रशासन का अद्वितीय संगम मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार श्रद्धा को सिर्फ सम्मान नहीं, सुरक्षा भी देती है। मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधिपूर्वक रुद्राभिषेक किया और दूधेश्वरनाथ वेद पाठशाला के छात्रों द्वारा पारंपरिक वैदिक रीति से किए गए स्वागत को भावुकता से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की जड़ें हैं। यह पीढिय़ों को जोड़ता है, पहचान देता है, और धार्मिक चेतना को जीवित रखता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और मंदिर समिति द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांवड़ मेला केवल उत्सव नहीं, एक सामूहिक साधना है जिसमें शासन, प्रशासन और समाज तीनों की भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में करीब 30 मिनट तक ठहरे। इस पावन अवसर पर गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग, विधायक संजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, सैंकड़ों पार्षद, मंदिर समिति के सदस्य व सैकड़ों संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे। हर कोई मुख्यमंत्री की इस ऐतिहासिक उपस्थिति को लेकर उत्साहित दिखा। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी दीपक मीणा, पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए वीसी अतुल वत्स, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और श्रीमहंत नारायण गिरी जी महाराज से कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।
पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, ट्रैफिक कंट्रोल, और शिविर प्रबंधन हर बिंदु पर मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत पूछताछ की। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में इस वर्ष की गई व्यवस्थाएं राज्य स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत की जा सकती हैं। श्रावण मास के इस अद्भुत आरंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गाजियाबाद आगमन और दूधेश्वरनाथ मंदिर से कांवड़ मेले का उद्घाटन आस्था, परंपरा और प्रशासन के त्रिवेणी संगम का प्रतीक बन गया। हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस, और धार्मिक स्थलों के उत्थान की प्रतिबद्धता योगी सरकार के ‘आस्था के साथ प्रशासन’ के दृष्टिकोण को सजीव करती है।
कॉरिडोर निर्माण की प्रगति पर हुई विशेष चर्चा, पर्यटन विकास की योजनाओं का जायजा लिया
दूधेश्वरनाथ मंदिर को राष्ट्रीय तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने के लक्ष्य की दिशा में चल रहे कॉरिडोर निर्माण कार्य की भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। महंत नारायण गिरी ने उन्हें बताया कि राज्य सरकार की मदद से यह परिसर भविष्य में काशी, अयोध्या और मथुरा की तर्ज पर विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गति से प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि धार्मिक पर्यटन उत्तर प्रदेश का भविष्य है, और गाजियाबाद इसका अगला बड़ा अध्याय बनेगा।
दूधेश्वरनाथ मंदिर को राष्ट्रीय तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने के लक्ष्य की दिशा में चल रहे कॉरिडोर निर्माण कार्य की भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली। महंत नारायण गिरी ने उन्हें बताया कि राज्य सरकार की मदद से यह परिसर भविष्य में काशी, अयोध्या और मथुरा की तर्ज पर विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गति से प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि धार्मिक पर्यटन उत्तर प्रदेश का भविष्य है, और गाजियाबाद इसका अगला बड़ा अध्याय बनेगा।
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर शिव भक्तों को दिया आशीर्वाद, मेले की हवाई निगरानी भी की
मंदिर से निकलने के बाद मुख्यमंत्री पुलिस लाइन पहुंचे, जहां से उन्होंने हेलीकॉप्टर द्वारा मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और गाजियाबाद के प्रमुख कांवड़ रूटों पर हवाई निरीक्षण और पुष्पवर्षा की। इस दृश्य ने एक ओर जहाँ शिव भक्तों के चेहरों पर आस्था की मुस्कान बिखेरी, वहीं यह संदेश भी दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुखद और स्मरणीय बनाने को प्रतिबद्ध है।
मंदिर से निकलने के बाद मुख्यमंत्री पुलिस लाइन पहुंचे, जहां से उन्होंने हेलीकॉप्टर द्वारा मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और गाजियाबाद के प्रमुख कांवड़ रूटों पर हवाई निरीक्षण और पुष्पवर्षा की। इस दृश्य ने एक ओर जहाँ शिव भक्तों के चेहरों पर आस्था की मुस्कान बिखेरी, वहीं यह संदेश भी दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुखद और स्मरणीय बनाने को प्रतिबद्ध है।



















