नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने संभाली कांवड़ सेवा की कमान, गाजियाबाद बना शिवभक्ति का संगम

• श्रद्धा, सेवा और सिस्टम का संगम: कांवड़ महोत्सव में ऐतिहासिक आयोजन
• कांवड़ रूट पर 24 घंटे सफाई, रोशनी, चिकित्सा व सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था
• महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में आज होगी श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा से स्वागत
• भक्ति के साथ स्वच्छता और सुरक्षा को भी प्राथमिकता, हाई मास्ट लाइटों से जगमगा उठा शिवपथ
• मिशन मोड में निगम: हर विभाग को सौंपा गया दायित्व, सेवा में नहीं होगी कोई कोताही

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण मास की पवित्र बेला में भगवान शिव के भक्तों के स्वागत के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने कमर कस ली है। आस्था, सेवा और व्यवस्था का यह अनूठा संगम नगर निगम के नेतृत्व में कांवड़ महोत्सव को अभूतपूर्व बनाने जा रहा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मेरठ रोड स्थित कंट्रोल रूम से खुद मोर्चा संभालते हुए हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर गहरी नजर बनाए रखी है। निगम का दावा है कि इस बार का आयोजन इतिहास में सबसे व्यवस्थित और भव्य होगा। नगर आयुक्त ने निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं जब तक अंतिम श्रद्धालु जलाभिषेक न कर ले, तब तक हर कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाता रहे। कंट्रोल रूम से वॉकी-टॉकी के माध्यम से सभी विभागों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने सफाई से लेकर सुरक्षा तक की हर व्यवस्था की व्यक्तिगत समीक्षा की। नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि, गाजियाबाद नगर निगम के लिए कांवड़ महोत्सव सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा का अवसर है। हम हर मोर्चे पर तत्पर हैं।
महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में सोमवार और मंगलवार को कांवड़ यात्रियों का स्वागत भव्य पुष्प वर्षा से किया जाएगा। नगर निगम के पार्षद, अधिकारी और कर्मचारी भी श्रद्धालुओं पर पुष्पों की वर्षा कर उन्हें सम्मानित करेंगे। यह आयोजन श्रद्धालुओं के मन में गाजियाबाद की सेवा भावना की अमिट छवि छोडऩे वाला होगा। नगर निगम द्वारा हर शिविर, मंदिर व कांवड़ रूट पर डस्टबिन, मोबाइल शौचालय, फॉगिंग मशीनें और सफाई कर्मियों की टीमें 24 घंटे तैनात की गई हैं। डस्टबिन को नियमित खाली किया जा रहा है और मोबाइल टॉयलेट्स को दिन में कई बार साफ किया जा रहा है। हर शिविर में सुबह-शाम फॉगिंग कराई जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी या मच्छरों का प्रकोप न हो। निगम का साफ कहना है भक्ति के मार्ग पर स्वच्छता पहली शर्त है। कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष पेयजल टैंकरों की व्यवस्था की गई है। शिविरों में लगे वाटर कूलर व हैंडपंप भी नियमित जांच के दायरे में हैं। नगर निगम ने जलकल विभाग को निर्देश दिए हैं कि जल संकट की कोई स्थिति उत्पन्न न हो।
श्रद्धालुओं की यात्रा रात में भी निर्बाध हो, इसके लिए पूरे कांवड़ रूट को हाई-मास्ट और एलईडी लाइटों से सजाया गया है। विद्युत विभाग के अधिकारी रात-दिन रोशनी की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी स्थान पर अंधकार न रहे। नगर आयुक्त की मॉनिटरिंग के दौरान सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन ललित जायसवाल भी उपस्थित रहे। सिविल डिफेंस, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ सामंजस्य बनाकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, ट्रैफिक कंट्रोल और आपात स्थितियों से निपटने की पूरी तैयारी की गई है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना है कि कांवड़ महोत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह अवसर है गाजियाबाद की छवि निखारने का।
श्रद्धालु यहां से अच्छी यादें लेकर जाएं, यह हमारी सफलता होगी। इस महोत्सव के दौरान सभी विभागों को एक मिशन मोड में कार्य करने को कहा गया है। अधिकारियों की ड्यूटी सूची बनाई जा चुकी है और उन्हें राउंड द क्लॉक मौके पर उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। कांवड़ महोत्सव के दौरान जिस तरह नगर निगम गाजियाबाद की टीम निरंतर निरीक्षण, त्वरित समाधान और सक्रिय भागीदारी के साथ जुटी हुई है, वह वाकई एक मिशाल है। नगर आयुक्त की कमान और महापौर की अगुवाई में यह आयोजन श्रद्धा, सेवा और समर्पण का उदाहरण बनने जा रहा है।