-जनसुनवाई में रोज बढ़ रही भीड़, प्रशासन पर जनता का बढ़ रहा विश्वास
-गरीबों और वंचितों की सेवा हमारी प्राथमिकता और नैतिक जिम्मेदारी: डीएम माँदड़
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने अपनी सक्रिय कार्यशैली से जनता का दिल जीत लिया है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में रोजाना होने वाली जनसुनवाई अब सिर्फ एक औपचारिकता नहीं रह गई है, बल्कि सीधे जनता के बीच भरोसा जगाने का माध्यम बन गई है। डीएम की कार्यशैली इधर शिकायत प्राप्त, उधर निस्तारण की कार्यवाही शुरू आज हर किसी की जुबान पर है। सोमवार को हुई जनसुनवाई में 150 से भी अधिक प्रार्थी अपनी समस्याओं के साथ जिलाधिकारी के समक्ष पहुँचे। नगर निगम, पुलिस विभाग, जीडीए, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य, राजस्व और आवास विकास जैसे विभागों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी प्रार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को मौके पर बुलाकर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। आवास विकास विभाग से जुड़ी रजिस्ट्री विवाद की शिकायत पर डीएम ने एआर कॉपरेटिव अधिकारी को बुलवाकर शिकायतकर्ताओं से बातचीत कराई और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने का आदेश दिया।
वहीं, जीडीए से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपनी पुश्तैनी जमीन पर मकान बनाया लेकिन अधिकारी ने निर्माण रुकवा दिया। इस पर डीएम ने न्यायपूर्ण जांच कर निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान वेवसिटी के किसानों ने धरना-प्रदर्शन पर दर्ज हुई एफआईआर को अन्यायपूर्ण बताते हुए डीएम से न्याय की गुहार लगाई। वहीं, एक प्रार्थी ने अवैध कब्जे की शिकायत की तो जिलाधिकारी ने संबंधित तहसीलदार को आदेश दिया कि स्वयं मौके पर जांच करें और दो दिन के भीतर आख्या प्रस्तुत करें। जनसुनवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, आईएएस ज्याइंट मजिस्ट्रेट अयान जैन, एसीएम राजेन्द्र कुमार, डीआईओ योगेन्द्र प्रताप सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और जिलाधिकारी के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते दिखे।
बीमार बच्चे के इलाज का खर्च उठाने का भरोसा
जनसुनवाई के दौरान एक प्रार्थिनी ने रोते हुए डीएम से गुहार लगाई कि उसका बच्चा, जिसे 2020 में करंट लग गया था, अब भी इलाज की जरूरत में है। डीएम माँदड़ ने तुरंत सीएमएस से वार्ता की और इलाज कराने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि इलाज में जो भी खर्च आएगा, उसका भुगतान रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से कराया जाएगा। आप निश्चिंत रहकर बच्चे का इलाज कराइए। यह सुनकर प्रार्थिनी भावुक हो गई और डीएम का आशीर्वाद लेकर वापस लौटी।
जनता का विश्वास और प्रशासन की साख
डीएम की मेहनत और तत्परता से जनता में यह संदेश जा रहा है कि प्रशासन उनके साथ है। यही कारण है कि हर जनसुनवाई में प्रार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डीएम के कामकाज की शैली से न केवल आम जनता का भरोसा बढ़ रहा है, बल्कि प्रशासनिक तंत्र भी ज्यादा जिम्मेदार और जवाबदेह होता दिख रहा है।
न्याय दिलाना ही प्रशासन का उद्देश्य

जिलाधिकारी
गरीबों एवं पात्र लोगों की सेवा करना हमारी प्राथमिकता ही नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक शिकायतकर्ता और प्रार्थी मेरे लिए परिवार के सदस्य के समान है। कोई भी समस्या छोटी या बड़ी नहीं होती, प्रशासन का काम है कि जनता को समय पर और गुणवत्तापूर्ण समाधान मिले। हमारी कोशिश है कि कोई भी प्रार्थी यहाँ से निराश न लौटे। जिन प्रार्थियों की समस्याएँ गंभीर और संवेदनशील हैं, उनका समाधान हम तात्कालिक तौर पर कराते हैं। प्रशासन जनता के लिए है और जनता के बिना प्रशासन का कोई अस्तित्व नहीं है। मेरी हमेशा यही कोशिश रहेगी कि गाजियाबाद का हर नागरिक विश्वास के साथ अपने डीएम दरबार में आ सके और न्याय पाकर लौटे।
रविन्द्र कुमार माँदड़
जिलाधिकारी

















